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Jammu Kashmir: 'पापा एक बार उठो, हमने आपको कोई बात बतानी है'; सैन्य सम्मान के साथ शहीद हवलदार का अंतिम संस्कार

Sun, 30 Mar 2025 10:59 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क कठुआ

सार

शहीद हवलदार जगबीर सिंह का शव उनके पैतृक गांव मट्टू में पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें परिवार और गांववासियों की भावुक विदाई देखने को मिली।
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शहीद हवलदार जगबीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बलिदानी हवलदार जगबीर सिंह का शव जैसे ही शनिवार को उनके घर लाया गया, उनकी बेटी हर्षिता और बेटा अदित्या राज मट्टू जोर-जोर से चिल्लाने लगे, पापा एक बार उठो, हमने आपको कोई बात बतानी है। 

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कठुआ के सुफैन में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए खौड़ गांव मट्टू निवासी हवलदार (एचसी) जगबीर सिंह पुत्र स्व. भोला राम का शनिवार दोपहर लोअर मट्टू शमशान घाट पर पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बलिदानी जगबीर सिंह चौधरी उर्फ भिन्नी जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात थे। 

शुक्रवार शाम जब जगबीर सिंह के शहीद होने की खबर गांव मट्टू पहुंची, तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। बलिदानी का शव शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे उनके पैतृक गांव मट्टू पहुंचा। इस दौरान क्षेत्र के युवाओं ने ज्यौड़ियां से लेकर गांव मट्टू तक बलिदानी के शव को लेकर आ रही पुलिस की गाड़ी के आगे मोटरसाइकिल रैली निकाली। युवा "बलिदानी जगबीर सिंह चौधरी अमर रहे", भारत माता की जय" और पाकिस्तान मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे। 
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बलिदानी के परिजनों, रिश्तेदारों और गांववासियों ने शव को देखते ही विलाप शुरू कर दिया। बलिदानी की पत्नी सुमन देवी शव को देखकर बेहोश हो गईं। उनकी बेटी हर्षिता और बेटा अदित्या राज मट्टू जोर-जोर से चिल्लाने लगे, "पापा एक बार उठो, हमने आपको कोई बात बतानी है। पापा आप दो दिन से न तो फोन उठा रहे थे और न ही फोन कर रहे थे। हमें बहुत डर लग रहा था। जिसका डर था, वही हो गया।" 

बलिदानी की माता लाजो देवी रो-रोकर बेहाल हो गईं। वह कह रही थीं, "बेटा समय मेरा था, लेकिन चले तुम गए।" परिवार के सदस्य उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे।  शव को घर में करीब डेढ़ घंटे रखा गया। जब पुलिसकर्मी और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे, तो बलिदानी की पत्नी, बेटी और बेटा शव से चिपककर जोर-जोर से रोने लगे। यह दृश्य देखकर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। 

बलिदानी की अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ निकाली गई। शवयात्रा के साथ चल रहे लोग "बलिदानी जगबीर सिंह अमर रहे" और "भारत माता की जय" के नारे लगा रहे थे। मुखाग्नि बलिदानी के बेटे अदित्या राज मट्टू ने दी। जगबीर सिंह अपने छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे।

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