संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में शनिवार रात से लगातार बारिश होने के कारण उज्ज दरिया का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे जसरोटा और रख-होशियारी गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी अब रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है, जिससे जान-माल का खतरा पैदा हो गया है।
रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने एकत्रित होकर जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थानी निवासी रोमेश चंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उज्ज दरिया में जलस्तर बढ़ने के बाद रावी-तवी बैराज के चुनिंदा फ्लड गेट केवल गांव की दिशा में खोले गए, जिससे बाढ़ का पानी आबादी की ओर आ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने दरिया के दूसरी ओर स्थित औद्योगिक क्षेत्र घाटी को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया है। उनका दावा है कि बैराज में 15 से अधिक फ्लड गेट हैं, लेकिन सभी गेट समान रूप से खोलने के बजाय केवल गांव की ओर वाले गेट खोले गए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि एक ओर जिला प्रशासन लगातार एडवाइजरी जारी कर लोगों को दरिया के किनारे नहीं जाने की सलाह दे रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि रावी-तवी बैराज के सभी फ्लड गेट एक साथ खोले जाएं, ताकि पानी का बहाव पूरे दरिया में समान रूप से हो। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो गांवों में व्यापक नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का तत्काल निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।