कठुआ। जनपद के दूरदराज क्षेत्र डुग्गन में हिंदू आयोजन समिति की ओर से हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में डुग्गन मंडल के आठ गांवों से सैकड़ों की संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस मौके पर महिलाओं ने सत्संग और भजन तथा छोटी बच्चियों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को रोचक बनाया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता अनुराग ने कहा कि हिंदू ही है जो पूरे विश्व के कल्याण की कामना करता है। उन्होंने कहा कि आज हिंदू जाग चुका है और भारत हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रयागराज में करोड़ों हिंदुओं का एक साथ गंगा स्नान इस जागरण का प्रमाण है।
उन्होंने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने सबरी का बैर स्वीकार किया और निषादराज को गले लगाया। यदि हम सब जातियों से बाहर निकलकर एकजुट हों तो रामराज्य की कल्पना साकार हो सकती है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 1925 में व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया था। संघ के स्वयंसेवक हर विपत्ति में समाज के साथ खड़े रहते हैं चाहे कोरोना महामारी हो या जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़।
अनुराग ने कहा कि संघ को समाप्त करने के लिए कई षड्यंत्र हुए, इमरजेंसी लगी लेकिन संघ और मजबूत होकर उभरा। उन्होंने कहा कि भारत वैभव के युग में है। हमारे बुजुर्गों ने श्रीराम मंदिर टूटते देखा था, हम सौभाग्यशाली हैं कि मंदिर बनते देख रहे हैं। उन्होंने समाज से संगठित और समरस रहने, परिवार को एकजुट रखने, हर वर्ष पेड़ लगाने, सिंगल यूज प्लास्टिक हटाने, स्वदेशी अपनाने और कानून का पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम में बहन प्रभा ने पंच परिवर्तन विषय पर अपना व्याख्यान दिया जिसमें सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य पर बल दिया गया। भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन का समापन हुआ और जन सहभोज में शामिल होकर अपनी एकता को और मजबूत बनाया।