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आक्सीजन उत्पादन प्लांट का काम चार दिन में पूरा करने के निर्देश

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उपराज्यपाल के सलाहकार फारूक खान ने शनिवार को जीएमसी कठुआ का दौरा किया। कोविड आइसोलेशन वार्ड में संक्रमित मरीजों से सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने के साथ ही उन्होंने आईसीयू में स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी हासिल की। उन्होंने जीएमसी कठुआ में संबंधित एजेंसी को आक्सीजन उत्पादन प्लांट का काम अगले चार दिन में पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।
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फारूक खान ने कहा कि टीवी पर जिस तरह के हालात दिखाई दे रहे हैं, ऐसे हालात कठुआ में नहीं होने दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और जिला प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन की खराब मशीन की जगह नई मशीन अगले पंद्रह दिनों में जीएमसी कठुआ में स्थापित कर दी जाएगी। सलाहकार ने कहा कि प्रदेश में दवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जीएमसी में अपने दौरे के दौरान आक्सीजन उत्पादन प्लांट साइट का निरीक्षण करने के साथ ही ऑक्सीजन मैनिफोल्ड प्लांट का भी निरीक्षण किया। जीएमसी प्रबंधन ने उन्हें बताया कि कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए जीएमसी में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं।
फारूक खान ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समय-समय पर समीक्षा करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को चलाने के लिए स्टाफ को भी साथ साथ ही प्रशिक्षित किया जाए, ताकि सुविधा को तत्काल शुरू किया जा सके।
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डीसी कठुआ राहुल यादव और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जिले में उपलब्ध सुविधाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के संबंध में जानकारी उपलब्ध करवाई।
मंगलवार से जिले में फिर सक्रिय होगी आरटीपीसीआर जांच
21 अप्रैल को एक्सट्रैक्टर मशीन के खराब होने के बाद से जिले में ठप पड़ी आरटीपीसीआर जांच अब मंगलवार से एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इससे न सिर्फ कठुआ बल्कि सांबा जिले के लिए भी राहत की खबर माना जा रहा है। अब एक बार फिर कठुआ में 11 सौ से अधिक लोगों की कोरोना जांच की जा सकेगी और सैंपल भी चौबीस घंटे के भीतर ही हासिल किए जा सकेंगे। 21 अप्रैल को मशीन खराब होने के बाद जम्मू लैब में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट पांच दिन बाद हासिल हुई थी जिसके बाद से आरटीपीसीआर की जगह रैपिड एंटीजन टेस्ट ही कठुआ जिले में किए जा रहे थे।
उधर, जीएमसी प्रशासन ने एसोसिएटेड अस्पताल से माइक्रो बायोलाजी लैब को शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया है। सोमवार को यह लैब जीएमसी की नई इमारत में शिफ्ट हो जाएगी और आरटीपीसीआर जांच भी नई लैब में ही की जाएगी। जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि कंपनी की ओर से जीएमसी को बताया गया है कि एक्सट्रैक्टर मशीन को रिप्लेस किया जा रहा है। पुरानी मशीन को रिपेयर के लिए लिया जाएगा। ऐसे में मंगलवार से एक बार फिर आरटीपीसीआर जांच कठुआ मेडिकल कॉलेज में शुरू करने की तैयारी है।
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