बनी में सेना ने करवाया कार्यक्रम, साउथ अफ्रीका निर्मित मिल्कर एमजीएल व हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर दिखाए
कठुआ। मिल्कर एमजीएल (मल्टीपल ग्रेनेड लांचर) समेत सेना के अत्याधुनिक उपकरणों को देखकर विद्यार्थियों की आंखें चकाचौंध हो गई।
कठुआ की पहाड़ी सब डिवीजन बनी में सेना की ओर से सेना को जानो कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
साउथ अफ्रीका निर्मित मिल्कर एमजीएल से एक साथ कई ग्रेनेड एक साथ दागे जा सकते हैं। काम बड़ा, लेकिन कम वजन होने के चलते इसे आसानी से कंधे पर उठाया जा सकता है। इसी तरह से हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर से रात के समय भी किसी संदिग्ध मूवमेंट पर नजर रखी जा सकती है। सेना के अत्याधुनिक उपकरणों को देखकर कौतुहलवश विद्यार्थियों ने उनसे कई सवाल जवाब भी किए।
युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली और इसमें कैसे शामिल हुआ जाएगा, इसकी विस्तार से जानकारी दी गई। सेना की भूमिका और दायित्व भी समझाए गए। लोगों के साथ तालमेल और लोगों के सहयोग से देश विरोधी ताकतों के खिलाफ युद्ध में सेना के रोल पर विस्तार से चर्चा भी की गई। मौके पर मौजूद सेना के अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव भी सांझा किए। सेना की प्रदर्शनी के दौरान जवानों ने विद्यार्थियों को हथियारों की आधुनिकता और भारतीय सेना के शौर्य से भी अवगत करवाया।
मेरा लक्ष्य डॉक्टर बनने का है। इसलिए मैंने मेडिकल स्ट्रीम को चुना। सेना की प्रदर्शनी में मुझे इतना प्रभावित किया है कि अब देश सेवा का जज्बा मन में है। अब निश्चित तौर पर सेना में डॉक्टर बनकर सेना के साथ देश सेवा करना चाहती हूं।
- मीनाक्षी राजपूत, छात्रा
सेना की ओर से क्षेत्र में पहली बार इस तरह की प्रदर्शनी लगाई गई है। हमारे क्षेत्र में युवा सेना से बेहद प्रभावित हैं। यह देशसेवा के साथ साथ हमारे लिए दिन और रात प्रहरी बनकर डटे हुए हैं। मेरा भी सपना है कि मैं सेना में जाऊं और देश के लिए काम करूं।
- ईशान गुप्ता, छात्र
हथियार प्रदर्शनी में सेना के अधिकारियों ने बताया कि कैसे हम सेना में शामिल होकर सही राह अपना देश सेवा कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं को गलत संगत में न पड़कर उर्जा को सही दिशा में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया है। यह एक सुनहरा मौका था।
- काजल देवी, छात्रा