कठुआ। बनी तहसील के लोआंग क्षेत्र में स्थित प्राइमरी स्कूल चौंचली, शिक्षा के बुनियादी अधिकारों से वंचित होता नजर आ रहा है। यहां लगभग 50 बच्चों का पंजीकरण है, लेकिन पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षक उपलब्ध है। इस गंभीर समस्या ने न केवल बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर डाला है, बल्कि स्थानीय निवासियों में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार एकमात्र शिक्षक को स्कूल के प्रशासन, शिक्षण और बच्चों की परवरिश से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। यह स्थिति बच्चों के शैक्षिक विकास को बाधित कर रही है। , एक स्थानीय निवासी महेंद्र लाल ने इस मुद्दे को उजागर करते हुए प्रशासन से स्कूल में और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो बच्चों की शिक्षा पूरी तरह ठप हो सकती है।
पूर्व सरपंच तोहिद मलिक ने इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जहां एक ओर ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' जैसे अभियान चला रही है, वहीं लोआंग जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चियों को बुनियादी शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। कहा कि अगर सरकार सच में तालीमी सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है, तो इसे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर भी ध्यान देना होगा। संवाद
ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस गंभीर समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, और हमें इसे बचाने के लिए आवाज उठानी पड़ेगी।
जोन में शिक्षकों की कमी है। एक शिक्षक ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है और ट्रेनिंग खत्म होते ही उसे स्कूल भेजा जाएगा।
राजिंदर सिंह, जोनल शिक्षा अधिकारी, बनी