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Kathua News: जच्चा-बच्चा अस्पताल में दंत चिकित्सा के बाद बाकी भी सुविधाएं शुरू करने की मांग

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कठुआ। महात्मा गांधी जच्चा-बच्चा अस्पताल में अब दंत चिकित्सा सुविधा की शुरुआत हो गई है। लंबे समय के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार मिलने से जहां लोग राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं लंबित सेवाओं को शुरू करने की भी मांग दोहराई है।
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2002 के दौरान जिला अस्पताल की कालीबाड़ी में बनी नई इमारत में जच्चा-बच्चा अस्पताल की सेवाओं को शिफ्ट कर दिया गया था। स्थानीय लोगों की मांग के चलते पुराने अस्पताल में ओपीडी जारी रही। इस दौरान अस्पताल को जच्चा-बच्चा में बदलने की कवायद शुरू की गई, लेकिन उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। 2019 में जीएमसी कठुआ शुरू होने के बाद यहां मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और ज्यादा सीमित हो गईं।

पिछले कई साल से अस्पताल को फिजीशियन के साथ चलाया जा रहा था। दंत चिकित्सा सुविधा शुरू होने के बाद अब बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित अन्य पद खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 14 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। मौजूदा समय में एक फिजीशियन और दंत चिकित्सक की तैनाती हुई है।
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स्थानीय महेश चंद्र का कहना है कि कभी जिला अस्पताल के रूप से अपनी सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में पिछले तीन दशकों स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास नही हुआ है। अलबत्ता कई बार यहां की ढांचागत सेवाओं का सिर्फ इस्तेमाल ही किया है। चाहे जीएमसी कठुआ के स्थापना के वर्ष की बात की जाए और वर्तमान समय में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के लिए इसकी इमारत का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि इसे बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
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