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Kathua News: एचएमपीवी को लेकर जीएमसी कठुआ में 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार

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जीएमसी कठुआ का ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट
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-ऑक्सीजन प्लांट के लिए मॉक डि्रल आज
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-आक्सीजन सिलेंडर भरने के लिए दिया आर्डर


संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जीएमसी कठुआ में एचएमपीवी (ह्यूमन मेटापन्यूमोवायरस) वायरस से निपटने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड जहां तैयार हो गया है वहीं ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट भी जांचे जा रहे हैं। वीरवार को इसके लिए जीएमसी कठुआ में मॉक डि्रल भी रखी गई है।
अभी तक बेंगलुरु, नागपुर और तमिलनाडु में दो-दो तथा अहमदाबाद में एक मामला रिपोर्ट हुआ है। देशभर में एचएमपीवी संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर ने सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमण के शुरुआती लक्षण सर्दी, खांसी और बुखार हो सकते हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर श्वसन संबंधी समस्याओं में बदल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न जिलों के साथ की गई बैठकों में तैयारियों को जांचने के भी निर्देश दिए हैं। जिसके बाद जीएमसी कठुआ में बुधवार को तैयारियां शुरू कर दी गईं। जीएमसी प्रशासन की ओर से खाली ऑक्सीजन सिलेंडरों को भरने का आर्डर दे दिया गया है। आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्थाओं को बुधवार को जांच लिया गया। इसके अलावा वीरवार को स्थापित छह ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट भी जांचे जाएंगे।
जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र अत्री ने बताया कि जीएमसी कठुआ में 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। वार्ड में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में अब तक एचएमपीवी वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि अगले तीन से चार दिन के भीतर प्रदेश में इस वायरस को लेकर जांच भी शुरू कर दी जाएगी। कहा कि लोगों को किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है।
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.क्या है एचएमपीवी वायरस?
ह्यूमन मेटापन्यूमोवायरस (एचएमपीवी) एक मौसमी वायरस है, ये मुख्य रूप से रेसपिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करता है। इसके लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे होते हैं। हाल ही में यह वायरस चीन में तेजी से फैला है और अब भारत में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एचएमपीवी का संक्रमण बच्चों और बुजुर्गों के लिए अधिक दिक्कत पैदा करता है। एचएमपीवी वायरस छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अधिक प्रभावित करता है. जिन लोगों को अस्थमा, मधुमेह, या हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियां हैं, उनके लिए यह वायरस अधिक जोखिमभरा हो सकता है।कमजोर इम्युनिटी के कारण यह वायरस तेजी से रेसपिरेटरी सिस्टम पर हमला करता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
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