11वीं और 12वीं की शिक्षा हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को जाना पड़ रहा बिलावर
बिलावर। सरकार ने 33 साल बाद भी हाई स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया है। ग्रामीण सरकार से स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए कई बार मांग कर चुके हैं।
सरकार ने साल 1992 में गवर्नमेंट मिडिल स्कूल गढ़ का दर्जा बढ़ाकर हाई स्कूल किया था। इसके बाद कई बार स्कूल का दर्जा बढ़ाकर हायर सेकेंडरी बनाने की मांग की गई, लेकिन आज तक दर्जा नहीं बढ़ाया गया। ऐसे में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को हायर सेकेंडरी स्कूल बिलावर जाना पड़ता है। कई विद्यार्थी हायर सेकेंडरी स्कूल दरुंग या फिर हायर सेकेंडरी स्कूल भड्डू में भी पढ़ने के लिए जाते हैं। स्कूल दूर होने की वजह से आने-जाने में खर्च के चलते कई विद्यार्थी दसवीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ देते हैं।
देवेंद्र सिंह, अशोक शर्मा, गणेश कुमार और अमित ने बताया कि गवर्नमेंट हाई स्कूल गढ़ में 175 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। यह विद्यार्थी 10वीं के बाद हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने के लिए पैदल चलकर पहले सड़क तक पहुंचते हैं इसके बाद मिनी बस से हायर सेकेंडरी स्कूलों में पहुंचते हैं। लोगों ने बताया कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया है। मगर इसके बाद भी आज तक स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया गया। लोगों ने कहा कि स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए इमारत भी है और कई कनाल भूमि स्कूल के नाम है।
लोगों ने कहा कि अगर गवर्नमेंट हाई स्कूल गढ़ का दर्जा बढ़ जाए तो गांव के आसपास के चार अन्य गांवों के विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। बैक टू विलेज के तहत हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग रखी गई थी, जिसके बाद विभाग की टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया था। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारी को भेजी गई थी, लेकिन सरकार ने आज तक स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया। संवाद
स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है।
- चमनलाल, डिप्टी सीईओ बिलावर