जिला में कोरोना के आंकड़ों में कमी आ रही है। रोस्टर वार दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोरोना से बचाव के व्यवहार को छोड़ दें। कोरोना से बचाव का मूल मंत्र ही टीकाकरण और कोराना उपयुक्त व्यवहार है। अनलॉक में जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। मामले कब बढ़ना शुरू हो जाएं, इसपर कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में कोरोना को लेकर सतर्क रहें। यह बातें डीसी कठुआ राहुल यादव ने बुधवार को कोरोना बुलेटिन के दौरान कहीं।
डीसी ने कहा कि जिले में इनदिनों रोजाना के पचास या इससे कम ही संक्रमित सामने आ रहे हैं। सक्रिय मामले भी 480 हैं। जिले में रिकवरी दर 93.05 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की वैक्सीनेशन 73.48 प्रतिशत हो चुकी है। बिलावर और बनी में वैक्सीनेशन ने रफ्तार नहीं पकड़ी। ऐसे में शिविर लगाए जा रहे हैं। ताकि दूरदराज क्षेत्र के लोगों को भी टीकाकरण किया जा सके।
डीसी ने बताया कि 1739 लोगों को डॉक्टरों ने टेलीमेडिसिन के माध्यम से परामर्श दिया है। बेड आक्यूपेंसी में भी सुधार हुआ है। जीएमसी कठुआ में 48 बेड कोरोना से संक्रमित मरीजों से भरे हुए हैं। अन्य संस्थानों को मिलाकर कुल 106 बेड पर कोरोना के मरीज भर्ती हैं, जबकि तीन सौ लोग होम आइसोलेशन में हैं। बताया कि जिले की 257 पंचायतों में कोविड सेंटर सक्रिय कर दिए गए हैं। जिनमें से 52 में आक्सीजन सिलेंडर या आक्सीजन कंसेंट्रेटर भी मुहैया करवा दिया गया है। अन्य के लिए प्रक्रिया जारी है।
समारोह से बचें, बच्चों और बुजुर्गों को घर पर रखें
डीसी ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी इंफोर्समेंट की है और कठुआ के लोगों की जिम्मेदारी घर और बाहर कोविड व्यवहार बनाए रखने की है। जहां तक संभव हो बच्चों और बुजुर्गों को घर पर रखें। समारोहों को फिलहाल टालें। यदि संभव नहीं है तो 25 से कम लोगों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनाएं।