कटड़ा में गुरुवार रात की बारिश और शुक्रवार सुबह त्रिकुटा पर्वत पर छाए बादलों के कारण हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रही। कटड़ा से सांझी छत्त के लिए हेलिकॉप्टर की उड़ानें रद्द हो गईं। जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि भवन से भैरो घाटी के लिए रोपवे सेवा सुचारू रूप से चलती रही हैं। जिससे श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिली।
शुक्रवार को सुहावने मौसम के बावजूद हेलिकॉप्टर सेवा में रुकावट के कारण कई श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी पड़ी। इसके बावजूद 17 हजार श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के चलते पारंपरिक मार्ग से यात्रा करने वालों की संख्या भी बढ़ गई है, क्योंकि हिमकोटि मार्ग निर्माण कार्य के कारण बंद है। पंजीकरण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को 23,500 श्रद्धालुओं ने वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाई थी। श्रद्धालुओं ने मौसम की कठिनाइयों को नजरअंदाज करते हुए दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन किए।
हेलिकॉप्टर सेवा के प्रभावित होने से कुछ श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक समय लग रहा है। लेकिन रोपवे सेवा के चलते भवन से भैरो घाटी तक यात्रा करना थोड़ा आसान हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखें और यात्रा के लिए उचित तैयारी करके चलें। भवन में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ लगी हुई है। और पर्वत क्षेत्र में यात्रा की सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासनिक प्रयास जारी हैं।