कठुआ। जीएमसी कठुआ के प्रसूति रोग विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नया वार्ड स्थापित किया गया है।
26 बेड की क्षमता वाले नए वार्ड के शुरू होने के बाद अब प्रसूता को भर्ती करने की क्षमता 60 से बढ़कर 86 हो गई है। इससे प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जीएमसी कठुआ में प्रतिदिन औसतन 20 के करीब प्रसव के लिए भर्ती होती है। इसमें सामान्य प्रसव वाली महिलाओं को तो 24 घंटे के बाद घर जाने की इजाजत दे दी जाती है लेकिन सिजेरियन के मामलों में महिलाओं को कम से कम तीन दिन अस्पताल में ही रुकना पड़ता है। वहीं, प्रसव के जटिल मामलों में महिलाओं को इससे ज्यादा दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी के लिए अस्पताल में भर्ती रखना पड़ता है। इसके अलावा कई बार नगरी, हीरानगर, बिलावर, बसोहली और बनी उपजिला अस्पतालों से भी महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में इन महिलाओं काे बेड शेयर भी करने पड़ते थे।
इस समस्या से निपटने के लिए जीएमसी कठुआ के पुराने इमरजेंसी ब्लॉक के खाली पड़े रिकवरी वार्ड को प्रसूति विभाग के पोस्ट सिजेरियन वार्ड में तब्दील कर दिया गया। 26 बेड वाले इस वार्ड के साथ तीन बेड वाली हाई डिपेंडेंसी यूनिट की व्यवस्था की गई। वहीं, नई सुविधा में अलग से कक्ष की मांग करने वालों के लिए भी तीन कमरों को मरीजों को भर्ती करने के लिए तैयार कर दिया गया। इससे अब परिसर के प्रसूति रोग विभाग में 86 बेड की भर्ती सुविधा मिल गई है।