कठुआ। जीएमसी अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। रोजाना 1600 के करीब मरीज जीएमसी में पहुंच रहे हैं। इसके चलते ओपीडी में भारी भीड़ रहती है। इससे जांच करवाने आए लोग तीमारदार और खुद स्टाफ भी परेशान है। इसी समस्या का हल करने के लिए जीएमसी प्रबंधन एक नई ओपीडी की शुरुआत करने जा रहा है। इसके लिए जीएमसी अस्पताल के फिजियोथेरेपी ब्लॉक की खाली पड़ी पहली मंजिल को चयनित किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि सप्ताह भर में जरूरत के मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, पेंट और अन्य रेनोवेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद वहां भी ओपीडी लगाई जाएगी। इससे मुख्य ओपीडी का बोझ कम होगा और लोगों को भी परेशानी पेश नहीं आएगी।
एक ही कमरे में बैठ चार विशेषज्ञ कर रहे मरीजों की जांच
जीएमसी प्रबंधन के मुताबिक ओपीडी में जगह कम होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। इसको दूर करने के लिए नई ओपीडी की योजना बनाई जा रही है। बता दें कि जीएमसी में एलर्जी और डर्मेटोलॉजी के चार विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं लेकिन उनके बैठने के लिए ओपीडी में एक ही कमरा है लेकिन नई ओपीडी में हर विशेषज्ञ को अलग से कमरा दिया जाएगा। इससे मरीजों को अधिक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा और डॉक्टरों को भी सहूलियत मिलेगी। नई ओपीडी में वेटिंग रूम की व्यवस्था भी होगी।
एलर्जी के रोजाना पहुंच रहे 600 से अधिक मरीज
जीएमसी प्रबंधन के मुताबिक इन दिनों जीएमसी में रोजाना 1600 की ओपीडी हो रही है। इनमें से 600 के करीब मरीज एलर्जी के होते हैं। हर मरीज के साथ एक तीमारदार भी आ रहा है। गेहूं की कटाई पूरी होने और धान की बिजाई होने तक मरीजों की संख्या बढ़ती रहेगी। कठुआ जिले में इन दिनों में कई लोगों को कांग्रेस ग्रास, पोलनग्रेन, गेहूं और फ्लावर पोलनग्रेन से एलर्जी होती है। आने वाले दिनों में ओपीडी 2200 के पार हो जाएगी।
-एलर्जी के मरीज बढ़ने के कारण ओपीडी में काफी भीड़ रहती है। इसे देखते हुए फिजियोथैरेपी ब्लॉक के फर्स्ट फ्लोर पर ओपीडी शुरू की जाएगी। वहां पर एसी लगाने और पेंट सहित अन्य काम शुरू करवा दिया गया है। अगले सप्ताह तक ओपीडी की शुरुआत कर दी जाएगी।
-डॉ. सुरिंदर अत्री, प्रिंसिपल, जीएमसी कठुआ