कठुआ। त्योहारों के इस सीजन में मिठाईयों का स्वाद सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। नवरात्र के बाद शुरू हुए त्योहारी सीजन में शहर में बड़ी मात्रा में घटिया गुणवत्ता वाला खोया पहुंच रहा है, लेकिन इस बार ग्रामीण इलाके भी इससे अछूते नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में मिलावटी और घटिया मिठाईयों के मामलों का कठुआ और आसपास के क्षेत्रों में भंडाफोड़ के बाद अवैध और घटिया मिठाई की फैक्ट्रियां ग्रामीण इलाकों में चलाई जा रही हैं। फोन पर आर्डर बुक करने के बाद बड़े पैमाने पर तैयार इन मिठाईयों को ग्रामीण इलाकों की दुकानों और आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
कठुआ शहर समेत नगरी, हीरानगर, लखनपुर, बसोहली, बिलावर में भी इन अवैध मिठाई की फैक्ट्रियों से घटिया मिठाईयां सस्ते दामों पर सप्लाई की जा रही हैं। बिलावर के फिंतर में भी ऐसी ही एक फैक्ट्री पिछले कई दिनों से सक्रिय है। कम दाम, कम मेहनत और अधिक मुनाफे के चक्कर में मिठाई विक्रेता बड़ी मात्रा में घटिया गुणवत्ता वाली मिठाईयां खरीद रहे हैं। जानकारी के अनुसार घटिया खोए की बड़ी मात्रा रात के अंधेरे में और सुबह के समय शहर और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा त्योहारों के मौके पर बाजारों का निरीक्षण करने के लिए गठित कमेटियां भी खानापूर्ति कर रही हैं।
बिलावर के बाजारों में पहुंच रहीं मिलावटी मिठाइयां
बिलावर। त्योहारों के सीजन में बाहरी राज्यों से आने वाली मिलावटी मिठाइयों को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग गंभीर नहीं है। मिठाइयों की उपलब्धता पूरी करने के लिए मिलावटी मिठाइयां बाजारों में पहुंचना शुरू हो गई है। जैसे-जैसे त्योहारी सीजन निकट आ रहा है इलाके में मिठाई बेचने वाले दुकानदारों ने बाहरी राज्यों में बनी मिठाइयां मंगवाना शुरू कर दिया है। उपजिले के चंद दुकानदारों को छोड़कर अधिकतर मिठाई बेचने वाले दुकानदार पंजाब, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से मिठाइयां मंगवा रहे हैं, जो सस्ते दामों पर ग्राहकों को बेची जा रही हैं। कम दामों के चलते ज्यादातर ग्राहक भी इन्हीं मिठाइयों की खरीदारी कर रहे हैं। मिठाई में मिलावटी खोए का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही असली दूध की जगह दूध का पाउडर मिलाकर तैयार होने वाली मिठाइयां लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। क्षेत्रवासी अरुण कुमार, विपुल सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, रतन चंद आदि ने कहा कि सबसे अधिक मिलावट दूध से तैयार होने वाली मिठाइयों में की जा रही है। मिठाइयों को तैयार करने के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला तेल भी कम गुणवत्ता का होता है। ऐसी मिठाइयों का सेवन करने वालों की सेहत से मिलावट खोर खिलवाड़ कर मुनाफा कमा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंनेे इस संबंध में उपजिले के उच्च अधिकारियों से संज्ञान लेने की मांग की है। संवादे
बाजारों में औचक निरीक्षण और सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने अक्तूबर माह में 25 सैंपल बिलावर, बसोहली, हीरानगर, कठुआ आदि क्षेत्रों से लिए हैं। कठुआ में कोई खोया मंडी नहीं है, लिहाजा मिठाई विक्रेताओं के यहां जांच तेज की जाएगी। इसके लिए टीमों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
- पंकज सोनी, डेजिग्नेटिड अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग