कठुआ। श्री गुरुग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व पर शहर के सावन चक स्थित गुरुद्वारा कलगीधर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संगत ने शामिल होकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। रविवार को कार्यक्रम का शुभारंभ अखंड पाठ के भोग के साथ हुआ। इसके बाद जम्मू से आए रागी हरप्रीत चोहाला सहित स्थानीय रागी जत्थों ने गुरु की महिमा का बखान किया। इस दौरान जिले भर से आई संगत ने विशेष रूप से सजाए गए दीवान साहिब के समक्ष माथा टेका।
इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित महंत मंजीत सिंह, प्रचारक ज्ञानी सुरजीत सिंह, श्रवण सिंह ने सिख धर्म के इतिहास पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि दुनिया में भेदभाव और छुआछूत जैसी बुराई को पूरी तरह से नकारने वाला एक मात्र धार्मिक ग्रंथ श्री गुरुग्रंथ साहिब है। उन्होंने कहा कि गुरुओं की शिक्षा के कारण सिक्ख हमेशा अधर्म के खिलाफ अपने आप को कुर्बान करने में सबसे आगे होता है। इसी के चलते सिक्खों का इतिहास कुर्बानियों से भरा पड़ा है। कार्यक्रम के अंत में गुरू के अखूट लंगर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर सावनचक गुरुद्वारा के प्रधान सरदार सुजान सिंह के अलावा जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मनिंदर पाल सिंह सौरभ, हरमीत सिंह मीता, मास्टर भजन सिंह सहित हरमोदिंदर सिंह, मनमोहन सिंह, शेर सिंह आदि भी उपस्थित रहे।