हीरानगर। आरटीओ सुरेंद्र पाल बुधवार रात करीब 10 बजे अपनी टीम के साथ औचक नाके पर पहुंचे। उन्होंने कई डंपरों की जांच की और सात चालकों के चालान कर दो डंपर जब्त किए। इस दौरान पुलिस के हवलदार ने हाथापाई तक का प्रयास कर आरटीओ से नाके पर जांच की अनुमति दिखाने के लिए कहा। आरटीओ की शिकायत के आधार पर पुलिस विभाग ने हवलदार को लाइनहाजिर कर आरोप की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोग कई मंचों पर कोटपुन्नू इलाके में अक्सर रात को ओवरलोड डंपरों की आवाजाही की शिकायत कर चुके हैं। इसके लिए पुलिस की मिलीभगत का भी आरोप लगता है।
आरटीओ ने बताया कि इसी इलाके से यातायात नियमों के उल्लंघन की शिकायत लगातार मिल रही थी। इस आधार पर आरटीओ सुरेंद्र पाल अपनी टीम के साथ ओवरलोड डंपरों पर कार्रवाई करने बुधवार रात नाके पर पहुंचे तो वहां तैनात हवलदार ने उन्हें कार्रवाई करने से रोकने की कोशिश की। उसने आरटीओ से कहा कि नाके पर चेकिंग की अनुमति दिखाओ जबकि उसे यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को रोकने में मदद करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि आरटीओ को जिले में नाका लगाने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं होती है जबकि हवलदार नाके की परमिशन लेने की बात बार-बार कर रहा था। उन्होंने बताया कि इस पुलिसकर्मी की पूरी कोशिश इस कार्रवाई में बाधा डालने की थी लेकिन फिर भी आरटीओ ने सात ओवरलोड डंपरों के चालान कर दो डंपर जब्त भी किए लेकिन नाके की सूचना मिलते ही चंद मिनटों के बाद वहां से डंपरों की आवाजाही बिल्कुल बंद हो गई।
आरटीओ सुरेंद्र पाल शर्मा ने एसएसपी कठुआ से हवलदार की शिकायत की। बताया कि हवलदार ने हाथापाई तक का प्रयास किया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरटीओ की शिकायत के आधार पर आरोपी हवलदार को लाइनहाजिर कर दिया गया है। एएसपी राहुल चाणक घटना की जांच कर रहे हैं।