- शनिवार को महाराजपुर में फायर टेंडर न पहुंचने पर राख हो गई 12 कनाल गेहूं की फसल
- उपमंडल में आगजनी की घटनाओं में 70 कनाल से अधिक गेहूं की फसल चढ़ चुकी आग की भेंट
हीरानगर। उपमंडल में गेहूं की पकी फसल वाले इलाकों में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। मगर अग्निशमन विभाग को फायर टेंडर की कमी के कारण समय पर राहत नहीं मिल पा रही है। विभाग को कम से कम कटाई के सीजन में गाड़ियों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
उपमंडल के विभिन्न इलाकों में आगजनी की घटनाओं में 70 कनाल से अधिक गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ चुकी है। इसमें से आधी फसल का नुकसान समय पर फायर टेंडर न पहुंचने की वजह से हुआ है। जानकारी के अनुसार इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए उपमंडल में मात्र दो ही फायर टेंडर हैं। इनमें से एक को अक्सर सांबा जिले में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लोगों में विभाग के प्रति रोष है।
लोगों का कहना है कि कटाई के सीजन में विभाग को इनकी संख्या बढ़ानी चाहिए। ऐसे में विभाग संख्या बढ़ाना तो दूर जो दो फायर टेंडर यहां दिए गए हैं उन्हें भी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। स्थिति कुछ ऐसी है कि अगर उपमंडल में एक ही समय पर दो जगह आग लगती है तो एक जगह पर ही फायर टेंडर उपलब्ध होगा, जबकि दूसरी जगह लोगों को खुद ही नुकसान बचाना पड़ेगा। जिस किसान की फसल जलती है उसकी कमर टूट जाती है, लेकिन शायद प्रशासन या सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है। अगर भविष्य में आगजनी की घटना पर फायर टेंडर नहीं पहुंचा तो विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। संवाद
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शनिवार को पंचायत के महाराजपुर में गेहूं की फसल में आग लग गई। तुरंत अग्निशमन विभाग को इसकी जानकारी दी और लोग खुद आग बुझाने में जुट गए। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने खुद आग पर काबू पाया, लेकिन विभाग का फायर टेंडर यहां नहीं पहुंचा। इस वजह से 12 कनाल भूमि पर लगी फसल जलकर राख हो गई।
सुमन लता, नायब सरपंच
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पूरे उपमंडल के लिए मात्र दो फायर टेंडर उपलब्ध हैं, जिनमें से एक को सांबा जिले में इस्तेमाल किया जाता है। जानकारी मिली है कि यहां के फायर टेंडर को सांबा औद्योगिक क्षेत्र तक भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा विभाग को पहले किसानों के नुकसान की रक्षा करनी चाहिए।
- राकेश चौधरी, समाज सेवक
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कोट
हीरानगर में दो फायर टेंडर और एक छोटा फायर टेंडर उपलब्ध है। कटाई के सीजन में एक फायर टेंडर मढ़ीन में और दूसरा हीरानगर में रहता है। कई बार हीरानगर स्टेशन के नजदीक किसी इलाके में आगजनी का मामला सामने आता है तो वहां से गाड़ी भेजी जाती है वह चाहे इलाका सांबा जिला में ही क्यों न पड़ता हो। कई बार एक साथ कई जगह पर आग लगने की घटना पर गाड़ियां पहले ही अंगेज होने के कारण दूसरे इलाके से गाड़ी भेजने और पहुंचने में देरी हो सकती है।
- राज कुमार रैना, उप निदेशक, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, कमांड जम्मू