हीरानगर। गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल (जीएलडीएम) डिग्री कॉलेज में जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सहयोग से नौवें सिख गुरु हिंद दी चादर गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक सम्मिलित हुए। इसमें वक्ताओं ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। प्रिंसिपल डॉ प्रज्ञा खन्ना ने स्वागत संबोधन में गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान और उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ सुखविंदर सिंह ने गुरु के शहीदी प्रसंग और ऐतिहासिक परिस्थितियों पर गहन विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में कवि एस वर्मन और कॉलेज के विद्यार्थियों ने गुरु के जीवन, व्यक्तित्व, बलिदान और मानवता के प्रति उनके योगदान पर भावपूर्ण कविताओं का पाठ किया। विद्यार्थियों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए तथा वायलिन वादन से गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
डॉ मनप्रीत कौर ने शोध पत्र प्रस्तुत किया जबकि पोपिंदर सिंह परास ने अकादमी की गतिविधियों और गुरु तेग बहादुर के दर्शन की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो राकेश शर्मा ने भी गुरु के जीवन और बलिदान पर ओजपूर्ण उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम के साथ ही अकादमी की प्रकाशित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका संचालन पुरषोत्तम कुमार और त्रिलोक सिंह ने किया।
संचालन पंजाबी विभागाध्यक्षा डॉ बलविंदर कौर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ अनुपमा अरोड़ा ने किया।