गुज्जरू नगरोटा में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने उमड़ी संगत। संवाद
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रामकोट। धार सड़क किनारे दुर्गा मंदिर काह नगरोटा गुजरू में चल रही भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास श्रीश्री विजय कृष्ण पाराशर जी महाराज ने कथा स्थल में पहुंचे भक्तों को अपने प्रवचनों से निहाल किया। उन्होंने कहा कि बिना भाव के भगवान कीमती चीजों को भी ग्रहण नहीं करते और यदि भाव से एक फूल ही चढ़ा दें तो प्रभु प्रसन्न हो जाते हैं। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत के श्रवण मात्र से मानव के मन से मोह माया का अंत हो जाता है और वह भगवान के परमधाम का अधिकारी बन जाता है। उन्होंने बताया कि शरीर नश्वर है, इसलिए इसे विभिन्न रूपों में भागवत भजन के कार्य में ही लगाना उत्तम प्रवृत्ति है। भागवत भजन के जरिए हम सत्य स्वरूप परमात्मा का ध्यान कर उसे प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने शनिवार को मन, वासना और कर्म के महत्व से श्रद्धालुओं का परिचय कराया। इसके अलावा, पाराशर जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों के बारे में भी बताया, जैसे कि गीता के उपदेश, जो हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के उपदेश हमें जीवन में संघर्ष करने की शक्ति देते हैं और हमें धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। संवाद