संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जीएमसी कठुआ में दंत चिकित्सा सेवाओं का दायरा जल्द बढ़ने जा रहा है। संस्थान में आने वाले दिनों के दौरान कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री, पीडियाट्रिक डेंटिस्ट्री और ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। इससे दंत रोगियों को एक ही छत के नीचे अधिक विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा और मौजूदा विभाग पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री ने बताया कि नई सुविधाओं के लिए आवश्यक डेंटल चेयर सहित अन्य उपकरण मंगवाए जा चुके हैं। इसके अलावा अतिरिक्त कक्ष तैयार किया जा रहा है। जैसे ही उपकरण पहुंचेंगे और कमरा पूरी तरह तैयार होगा, सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि यह सुविधाएं जल्द शुरू हो जाएं।
डॉ. अत्री ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत बच्चों के दांतों का उपचार, रूट कैनाल जैसी सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं कंजर्वेटिव और पीडियाट्रिक डेंटिस्ट्री के माध्यम से की जाएंगी। वहीं ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में चेहरे, जबड़े और दंत आघात (ट्रॉमा) से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि जीएमसी कठुआ के दंत विभाग में पहले से मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है। अब तक कई मामलों का उपचार उपलब्ध विशेषज्ञों के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अलग-अलग विशेषज्ञ सेवाएं शुरू होने से मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित उपचार मिलेगा। साथ ही विभाग में मरीजों का भार भी विभाजित होगा, जिससे उपचार की गुणवत्ता और सुविधा दोनों में सुधार आएगा।