फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: जीएमसी कठुआ में एमबीबीएस के साथ अब पीजी की होगी पढ़ाई

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। वर्ष 2018 में स्थापित जीएमसी कठुआ अब एमबीबीएस के साथ-साथ स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम की सुविधा भी उपलब्ध कराने जा रहा है। यह कॉलेज प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के अवसर यहीं पर मिल सकेंगे। पहले चरण में आठ सीटों पर प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई हैद्ध
विज्ञापन

जीएमसी कठुआ प्रबंधन ने इसे संस्थान की बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय छात्रों को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। एमबीबीएस के बाद पीजी पाठ्यक्रम की सुविधा मिलने से कठुआ और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा क्योंकि प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे।
जीएमसी कठुआ में पीजी पाठ्यक्रम के लिए दाखिला प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। पहले चरण में ऑल इंडिया कोटे से कुल आठ सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें से चार सीटों पर दाखिला हो चुका है जबकि शेष सीटों पर प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन

बता दें कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा पीजी (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दिए जाने के बाद संस्थान में उत्साह है। जीएमसी कठुआ में पीजी पाठ्यक्रम के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में ऑल इंडिया कोटे की आठ सीटों पर दाखिले होने थे जिनमें से चार विद्यार्थियों ने दाखिला पूरा कर लिया है। चार विद्यार्थी उपस्थित नहीं हुए। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार ऑल इंडिया कोटे की दो और सूची जारी की जाएगी। इससे शेष सीटें भरी जाएंगी। इसके बाद स्टेट कोटे की 12 सीटों पर भी दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। इस तरह चरणबद्ध तरीके से सभी सीटें भरी जाएंगी और कॉलेज में पीजी पाठ्यक्रम का पहला बैच पूरा होगा।
जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री ने बताया कि यह उनके और संस्थान के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि पहली बार संस्थान में शुरू होने वाली मेडिकल पीजी में मेडिसिन के तीन सर्जरी के तीन, पीडियाट्रिक्स के दो, एनेस्थिसिया के तीन, पैथालॉजी के तीन, बायोकेमिस्ट्री के दो, फार्माकोलॉजी के दो और इएनटी के दो विद्यार्थियों का बैच शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें