अपने मवेशियों को साथ लेकर निचले इलाकों की तरफ जाते गद्दी और बकरवाल ।स्रोत संवाद।
पहाड़ी इलाकों में सर्दी आने के साथ ही अनुसूचित जनजाति के गुज्जर, बकरवाल और गद्दी समुदाय के लोग अपने माल मवेशियों को साथ लेकर निचले इलाकों की तरफ जाने लगे हैं। इन दिनों इन परिवारों को उपमंडल की अलग-अलग सड़कों पर सुबह और शाम के समय अपने मवेशियों के साथ बिलावर के निचले इलाकों की तरफ जाते हुए देखा जा सकता है।
गौरतलब हो कि सितंबर और अक्तूबर महीने में पहाड़ी इलाकों में जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू होता है तो इन तीनों समुदायों के लोग कठुआ जिले के निचले इलाकों की तरफ चले जाते हैं और छह महीने निचले इलाकों में बिताने के बाद वापस पहाड़ों की तरफ लौटना शुरू कर देते हैं। गद्दी समुदाय के देशराज और खेमराज ने बताया कि इस वर्ष सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में ही सर्दी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। इसके कारण वह अपने माल मवेशियों को साथ लेकर निचले इलाकों की तरफ जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के छह महीने बिलावर के निचले इलाकों में बिताने के बाद अब वह बनी तहसील के सरथल इलाके में अगले छह महीने माल मवेशियों के साथ बिताएंगे। उन्होंने बताया कि बिलावर उपमंडल से होकर वह पैदल रास्ते से कठुआ पहुंचेंगे और उन्हें अभी कठुआ पहुंचने के लिए एक सप्ताह का समय और लग जाएगा।