कठुआ। रावी दरिया के उफान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि शाम ढलने के बाद जलस्तर भी बढ़ने लगा। बांध और अवरोधकों को पार करता हुआ बाढ़ का पानी लखनपुर कस्बे में घुस गया। बसोहली मोड़ से नहर के जरिए दाखिल हुआ बाढ़ का पानी टोल प्लाजा के बीच से होकर गुजरता रहा।
रावी दरिया को पंजाब से जोड़ने वाला पुल भी खतरे में आ गया। फ्लाईओवर से पुल तक सड़क बह गई, जिससे पुल के एक किनारे को क्षति पहुंची है। बाढ़ के पानी ने सड़क ही गायब कर दी है। जलधारा में हुआ परिवर्तन बाढ़ के रूप में नहर से होता हुआ लखनपुर टोल प्लाजा तक घुस गया। रात 11 बजे के लगभग सभी जगह अफरा-तफरी मच गई। एक-एक कर लखनपुर ट्रक यार्ड में दो दिन से फंसे लगभग 200 ट्रकों को निकाला गया। इसके बाद पानी घरों की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लखनपुर मुख्य अड्डे से सटे घर के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली। लोग अपने घरों को छोड़कर गरीब बस्ती के ऊंचे क्षेत्र में चले गए। किले माता मंदिर लखनपुर की गौशाला में भी पानी भर गया। युवाओं ने कड़ी मशक्कत से गौशाला को खाली करवाकर पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले गए।
सुबह तक क्षेत्र के लोग डर के साए में जागते रहे और सुबह रोशनी होने के बाद लोग घरों को लौटे। दिन में भी बाढ़ृ का पानी लगातार बहता रहा। शाम के समय पानी का बहाव कम हुआ। नहर ने लखनपुर कस्बे और गोल्डन गेट्स के बीच भी ओवरफ्लो हाकर हाईवे को अपनी जद में ले लिया। पानी ने रिहायशी इलाकों का रुख कर लिया है। हाईवे पर ढाई से तीन फीट पानी भर गया है।