लगातार जारी बारिश के चलते उफान पर आए नदी-नालों ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ा दिया है। उज्ज और तरनाह की बाढ़ में फंसे पांच लोगों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला है, तो वहीं शहर के हटली मोड़ इलाके में बारिश के बीच मोटर से करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई है।
लखनपुर में पुलिस स्टेशन से सटकर बहने वाले खड्ड के रात में उफान पर आने से दरिया किनारे बसी झुग्गियों में पानी घुस गया। लोगों ने जलस्तर बढ़ने पर भागकर जान बचाई। वहीं सामान सहित कुछ मवेशियों के बहने की सूचना है। जिले के मैदानी इलाकों में 18 घंटे के भीतर रही 132 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है।
जिले के मैदानी इलाकों में रविवार रात दस बजे से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला कठुआ शहर और आसपास के दस किलोमीटर दायरे में सोमवार शाम तक रूक-रूक कर जारी रहा। उधर, पहाड़ी इलाकों में रिमझिम बारिश जारी रहने से नदी नाले उफान पर आ गए हैं।
उज्ज दरिया में मछली पकड़ने गए दो युवकों के फंसे होने की सूचना के बाद राजबाग पुलिस ने बचाव अभियान चलाया। इसमें दोनों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उधर, तरनाह दरिया को स्कूटी से पार कर रहे तीन लोग बाढ़ की चपेट में आ गए। स्कूटी बाढ़ में बह गई, वहीं लोगों ने सूखी जगह पर शरण ली। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित निकाल लिया।
शहर के हटली मोड़ से सटे चक प्रताप सिंह इलाके में मोटर की तार से करंट लगने के बाद अचेत हुई महिला को दोपहर एक बजे के लगभग जीएमसी कठुआ में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया।
जीएमसी की अप्रोच सड़क डेढ़ सप्ताह के भीतर फिर बहा
जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान को हाईवे से जोड़ने वाले लिंक मार्ग डेढ़ सप्ताह के भीतर ही दूसरी बार बह गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस बार भी अस्थाई तौर पर लिंक मार्ग को बहाल कर दिया गया था, जो मात्र 12 घंटे की बारिश में ही बह गया। जीएमसी बनने के बाद यह लिंक मार्ग चौथी बार बह गया है। जीएमसी में सैंपल देने और स्टाफ के सदस्यों को जाने में दिन भर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लखनपुर से माह पाटी और कई अन्य क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कें भी नालों के उफान पर आने से क्षतिग्रस्त हुई हैं।