कठुआ। नगरी इलाके में भूमाफिया और प्रॉपर्टी डीलर सक्रिय हैं। वह जमीन बिकवाने के लिए कई हथकंडे अपना रहे हैं।
इससे गुस्साए किसानों ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कृषि योग्य भूमि को जबरदस्ती हड़पने का आरोप लगा जमीन बचाने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के बैनर तले एकजुट किसानों ने तहसीलदार नगरी कार्यालय के बाहर धरना लगाकर राजस्व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसानों की पुश्तैनी भूमि पर राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से निरस्त की गई गिरदावरी की उच्चस्तरीय जांच की जाए। मांग पूरी होने तक राजस्व विभाग के खिलाफ उनका धरना- प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के जिला प्रधान बनारसी दास ने बताया कि कोरोना काल के बाद से इलाके में भूमाफिया और प्रॉपर्टी डीलर निर्दोष किसानों की कृषि योग्य भूमि हड़पने में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के अधिकारी भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनको संरक्षण दे रहे हैं।
बनारसी दास ने बताया कि चक कृपाल स्थित श्रवण कुमार कुमार की चार कनाल भूमि पर प्रॉपटी डीलरों ने राजस्व विभाग से मिलकर खसरा नंबर 400/324/22 में श्रवण कुमार की पुश्तैनी गिरदावरी निरस्त कर उसकी कृषि योग्य भूमि जबरदस्ती हड़प ली।
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त से की थी। उन्होंने बताया कि चार साल बाद जिला उपायुक्त ने मौके पर निशानदेही करने लिए तहसीलदार नगरी को आदेश दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि बीते 19 मई को तहसीलदार नगरी ने चक कृपाल में शिविर लगाया। इसमें उन्होंने कहा कि उक्त भूमि किसान की नहीं है। मौके पर आरोपी प्रॉपर्टी डीलर का कब्जा बताया गया।
प्रदर्शन में शामिल किसान तहरीक के जिला वर्किंग प्रधान हारी सिंह ने कहा कि अगर पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन नहीं बेची तो उस पर दूसरे का कब्जा अवैध माना जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि भूमाफिया पीड़ित परिवार को कभी धमकी तो कभी लालच दे रहे हैं लेकिन किसान परिवार सिर्फ अपनी भूमि वापस पाना चाहता है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में गैर कानूनी तरीके से आवासीय कॉलोनियों का विकास किया जा रहा है।