संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। तहसील में किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। पिछले लगभग 10 दिन से खाद उपलब्धता न होने के कारण किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि उन्हें जरूरत के अनुसार डीएपी उपलब्ध करवाया जाए ताकि वे समय पर गेहूं की फसल में खाद डाला सकें।
स्थानीय किसानों ने बताया कि बारिश के बाद अब गेहूं की फसल की अच्छी उपज के लिए खाद की बहुत जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल रही। किसान दिन भर तहसील में स्थित अलग-अलग निजी स्टोरों का चक्कर काट रहे हैं। उनकी किराये और समय की बर्बादी हो रही है। किसान ब्रह्मदत्त, राम सिंह, दिनेश खजूरिया आदि किसानों ने कहा कि सरकार समय रहते खाद का भंडारण नहीं करती है जिसके चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
किसानों ने मांग की है कि उन्हें जरूरत मुताबिक डीएपी उपलब्ध करवाया जाए। न तो सहकारी समितियों में खाद मिल रही है और न ही निजी दुकानों पर। खाद्य वितरक और पूर्व सरपंच आमुआला मनोहर लाल गुप्ता ने बताया कि लोग खाद लेने की उम्मीद में हर रोज सुबह उनके स्टोर पर पहुंच रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिलने के कारण किसान परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं। उन्होंने जल्द किसानों के लिए खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है।
इस संबंध में कृषि अधिकारी नगरोटा गुजरू वरिंदर गुप्ता ने बताया कि खाद का स्टाॅक राज्य में समय पर नहीं पहुंचने के कारण किसानों को इसकी कमी से जूझना पड़ रहा है। अनुमानित एक से दो दिन तक खाद इलाके में पहुंचने की उम्मीद है। किसानों से आग्रह है कि तब तक संयम रखें।