शहर की सैटलाइट फल एवं सब्जी मार्केट कठुआ को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) योजना के तहत और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिसके तहत बागवानी विभाग ने कैपेक्स बजट के तहत फल एवं संब्जी मंडी में ढांचागत विकास के लिए कुल 57 लाख 93 हजार की राशि आवंटित की गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादों के लिए एकीकृत राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाना है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ई-नाम योजना के तहत मंडी में ढांचागत विकास का जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। आगामी महीने से ढांचागत निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जिसे इसी वित्त वर्ष के पहले-पहले निर्माणकार्य को पूरा किया जाना है। उन्होंने बताया कि मंडी के भीतर ही एरिया मार्केटिंग अफसर (एएमओ) कार्यालय के नजदीक एक हाल का निर्माण किया जाएगा। जिसमें किसानों, व्यापारी और विभागीय अधिकारियों के लिए बैठने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्थापित कर ऑनलाइन व्यापार करने की सुविधा प्रधान की जाएगी। इससे न केवल किसानों और थोक व्यापारियों को अपने उत्पादों का बेचने और खरीदने में पारदर्शिता मिलेगी, बल्कि इससे ऑनलाइन भुगतान और अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांचने का भी मौका मिलेगा। बता दें कि ई-नाम योजना केंद्र सरकार की एक महत्वकांशी योजना है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रधान करता है। जिससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर मूल्य और बल्कि उसकी पहुंच को बड़े बाजारों तक बनाने का भी मंच प्रदान करती है।
ई-नाम योजना के तहत सेटलाइट फल एवं सब्जी मंडी कठुआ में ढांचागत विकास विकसित करने की कवायद विभाग ने शुरू कर दी है। लगभग 58 लाख की लागत से निर्माण कार्य करवाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने निविदा भी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अक्टूबर महीने से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जिसे इस वित्त वर्ष में खत्म करने की योजना है।
-शिव रतन शर्मा, एएमओ (योजना और विपणन) बागवानी विभाग।