कठुआ। 670 किलोमीटर लंबे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे पर सांबा जिले तक एक्सेस कंट्रोल रहेगा। जम्मू संभाग में इस एक्सप्रेस वे के तहत छह इंट्री एग्जिट प्वाइंट तैयार हो रहे हैं। इस पर बाउंड्री वाल बनेगी, जिससे खेतों से किसी जानवर या व्यक्ति की एंट्री नहीं हो सकेगी।
कठुआ जिले में भागथली, सक्ता चक के बाद दियालाचक में हाईवे से एक्सप्रेस वे में इंट्री और एग्जिट मिल सकेगा। इन इंट्री एग्जिट प्वाइंट पर ही टोल गेट भी रहेंगे। ऐसे में सपवाल तक हर 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में टोल की व्यवस्था रहेगी। वहीं सांबा के सपवाल से लेकर बन्न टोल प्लाजा तक वाहन आराम से रैंप के जरिए दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे और हाईवे के बीच आवाजाही कर सकेंगे।
पैकेज 14 के अधीन पंजाब के बलसुआ से हीरानगर तक काम तेजी से जारी है। इसके आगे पैकेज 15 के तहत भी काम में तेजी देखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे को डेढ़ मीटर की दीवार से नियंत्रित किया जाएगा। ऐसे में ग्रीन फील्ड क्षेत्र में खेतों से किसी जानवर या किसी व्यक्ति के एक्सप्रेस वे में दाखिल होने की गुंजाइश ही नहीं रहेगी। इसके अलावा एक्सप्रेस वे पर चलने वाले वाहनों पर पूरी तरह से तीसरी आंख का पहरा रहेगा। रात के समय दूधिया रोशनी से नहाने वाले इस एक्सप्रेस पर एडवांस ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम के तहत उपकरण लगाए जा रहे हैं। एक्सप्रेस वे का कोई भी कोना कैमरे की निगरानी से बाहर नहीं होगा। वहीं जहां तक विजिबिलटी बनी रहे, वहां तक रोशनी का भी उचित प्रबंध करने की योजना है।
ब्राउन फील्ड में एक्सप्रेस वे और हाईवे की अलाइनमेंट एक ही रहने वाली है। ऐसे में यहां हाईवे और एक्सप्रेस वे दोनों पर रोशनी के उचित प्रबंध किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। एक्सप्रेस वे की बाउंड्री को पूरी तरह से कम से कम डेढ़ मीटर ऊंची दीवार से अलग कर दिया जाएगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों की सुविधा के लिए एक्सेस कंट्रोल पर उसी अनुरूप व्यवस्थाएं भी रहेंगी।
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दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे पर सपवाल तक एक्सेस कंट्रोल रहेगा। एक्सप्रेस वे पर यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए डेढ़ मीटर की बाउंड्री तैयार होगी। इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी भी रहेगी और रोशनी के भी पर्याप्त इंतजाम होंगे। यह आने वाले समय में दिल्ली से कटड़ा के बीच सफर का सड़क से सबसे कम समय लेने वाला रूट तैयार किया जा रहा है।
-राजीव कुमार परियोजना निदेशक
एनएचएआई, जम्मू