मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) कठुआ ने लोक निर्माण विभाग को स्कूल इमारतों के सुरक्षा ऑडिट के संबंध में पत्र लिखा है। वहीं प्रधानाचार्यों और जोनल शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे नुकसान के संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है।
आपदा ने जिले में शिक्षा के ढांचे को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। 57 सरकारी स्कूलों की इमारतों पर आपदा कहर बनकर बरसी है। द्रम्मण, पुंखर के अलावा सुरग और कुनैल के स्कूलों में इमारतें जहां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं वहीं बसोहली कसबे के एक सरकारी स्कूल की इमारत को भी क्षति पहुंची है। 52 अन्य स्कूल इमारतों में कहीं दरारें हैं तो कहीं परिसर को नुकसान पहुंचा है। कठुआ जिले में 12 सौ से अधिक सरकारी स्कूलों में से ज्यादातर पहाड़ी इलाके के स्कूलों को नुकसान पहुंचा है। उधर, बाढ़ ने भी कई स्कूल इमारतों को नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल जहां निदेशालय ने स्कूलों में छुट्टियों को दो सितंबर तक बढ़ा दिया है वहीं बेहद जरूरी है कि शेष इमारतों में कक्षाओं को शुरू किए जाने से पहले इसके सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित हों। भारी बारिशों से दशकों पुरानी कई इमारतें मलबा बन ढांचों पर खडी हैं। धूप खिलने के बाद कई इमारतों को और नुकसान पहुंचने की संभावना हो सकती है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी राजीव अबरोल ने बताया कि 57 स्कूलों के क्षतिग्रस्त होने के संबंध में पूर्व में रिपोर्ट आई थी। स्कूलों को खोले जाने से पहले सुरक्षा ऑडिट के संबंध में लोक निर्माण विभाग को लिख दिया गया है। सोमवार को इस संदर्भ में प्रधानाचार्यों और जोनल शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। उन्हें असुरक्षित भवनों और नुकसान के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।