रंग जोन कोड व्यवस्था के दस दिनों के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय करेंगे इसके कार्यान्वयन का सर्वे
सीधी बुकिंग पर भी एक से दूसरे जाेन में जाने पर नहीं कोई रोक, पर शहर अंदरूनी रूट से होकर जाना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जिला प्रशासन की ओर से शहर में ई-रिक्शा व ऑटो के लिए शुरू की रंग जोन कोड व्यवस्था में चालक सीधी बुकिंग पर एक से दूसरे जोन में जा सकेंगे। हालांकि उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग से चलने की इजाजत नहीं होगी वह शहर के अंदरूनी रूट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
जम्मू जिले में 13 हजार से अधिक ई-रिक्शा व ऑटो चल रहे हैं। जिला प्रशासन ने दस अक्तूबर को एक आदेश जारी ई-रिक्शा व ऑटो के लिए रंग के अनुसार जोन बांटे हैं । छह अलग-अलग रंग कोड आधारित जोन में विभाजित किया गया है। 29 अक्तूबर से व्यवस्था शुरू होने के बाद से चालक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। एक से दूसरे जोन के लिए सीधी बुकिंग पर भी वह परिचालन नहीं कर रहे है। उनका तर्क है कि एक से दूसरे जोन में जाने पर चालान कट रहे है। ऐसे में यात्रियों को मजबूरन बार-बार वाहन बदला पड़ रहा है।
आरटीओ जम्मू जसमीत सिंह ने कहा कि जोन व्यवस्था को लागू हुए कुछ एक दिन हुए है। 90 फीसदी चालकों ने कोडिंग कर ली है। कुछ चालक इस व्यवस्था को लेकर असंतोष दिखा रहे है। ई-रिक्शा व ऑटो को शहर में किसी भी जगह जाने की अनुमति है, शर्त इतनी है कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग पर नहीं चल सकेंगे। शहर के अंदरूनी रूट पर बिना रोक टोक चल सकेंगे। इन वाहनों को चलने के लिए कम से कम दस किलोमीटर का दायरा दिया है। हमने विशिष्ट क्रासिंग प्वाइंट बनाए है। व्यवस्था के तहत इन क्रांसिंग प्वाइंट में अंबफला, बख्शीनगर, केसी थियेटर, एशिया होटल, शास्त्री नगर श्मशान घाट, मार्बल मार्केट और कुंजवानी को रखा है। उन्होंने कहा कि कुछ चालक इसको लेकर भ्रम फैला रहे है। व्यवस्था के प्रति आम लोगों को जागरूक होना होगा। इस व्यवस्था से शहर की ट्रैफिक जाम की समस्या में कुछ हद तक सुधार होगा। उन्होंने ओवर चार्जिंग से जुड़ी शिकायते मिल रही है जल्द इस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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जम्मू जिले में 13000 ई-रिक्शा व ऑटो सड़कों पर
जम्मू जिले में वर्तमान में 13000 ई-रिक्शा व ऑटो सड़को पर दौड़ रहे हैं। इसमें 10727 आरटीओ जम्मू में पंजीकृत हैं और 6200 हजार ई-रिक्शा तो 4527 ई- ऑटो हैं। 2500 से करीब ई-रिक्शा व ई-ऑटो ऐसे है जो अन्य अन्य जिलों में पंजीकृत है, लेकिन जिले में दौड़ रहे है। जिला प्रशासन ने अन्य जिलों में पंजीकृत ऐसे वाहनों को यहां परिचालन की अनुमति नहीं दी है। हालांकि प्रशासन ऐसे मामले में छूट दे रहा है जिसमें ऐसे लोग है जो कई सालों से जम्मू में ई-रिक्शा चला रहे है। यहां उनके घर बन गए हैं।