संंवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को हीरानगर में एक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हीरानगर के शहीदों के बलिदान ने जम्मू-कश्मीर के भारतीय संघ के साथ पूर्ण एकीकरण के लिए अथक आंदोलन की शुरुआत की थी।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र ने शहीदों के साहस और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए प्रेम नाथ डोगरा के नेतृत्व में प्रजा परिषद द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि हम उनके बलिदानों का कर्ज नहीं चुका सकते। हीरानगर में अरुण जेटली स्टेडियम की महत्वाकांक्षी परियोजना का जिक्र करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि कुछ कारणों से परियोजना में देरी हुई थी। लेकिन अब इस मुद्दे को नए मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष उठाया गया है और जल्द ही इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने शहीदों की याद को जीवंत रखने में संगठनों और व्यक्तियों की भूमिका की सराहना की और कहा कि उनके बलिदान ने आज के जम्मू-कश्मीर की नींव रखी। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश की प्रगति में योगदान देकर उनकी विरासत का सम्मान करें। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सत शर्मा, वरिष्ठ नेता ठाकुर रणजीत सिंह, विधायक विजय शर्मा, डॉ. मन्याल, डॉ. भारत भूषण सहित अन्य लोग मौजूद थे।
पर्चा दिखाता विनोद।
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