डिग्री कालेज की दीवार से सटी झाड़ियों से एक नवजात बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई। बच्ची के शव को कुछ राहगीरों ने उस समय देखा जब एक कुत्ता शव को घसीटते हुए सड़क पर ले आया।
राहगीरों ने किसी तरह बच्ची के शव को कुत्ते के मंह से छुड़ाया। इस दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर आकर पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि
बच्ची का जन्म एक या दो दिन पहले ही हुआ था, जिसको मार कर झाड़ियों में फेंक दिया गया होगा।गौरतलब है कि जिला कठुआ देश के उन सौ जिलों में पहले ही नाम बना चुका है, जहां महिला लिंग
अनुपात काफी कम है। इसको बढ़ाने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं को जिला में जोर-शोर से चलाया जा रहा है, लेकिन शनिवार को मिले नवजात बच्ची के शव से एक बार फिर लड़कियों को
लेकर समाज में मौजूद बेहद पिछड़ी सोच बेपर्दा हो गई। इसके साथ ही सवाल भी उठा दिया कि आखिर इक्कीसवीं सदी में भी क्या समाज बेटियों को सम्मान देने की बात समझेगा। बहरहाल पुलिस ने
मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।