बाख्ता स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री चरण कमल साहिब में रविवार को गुरु नानक देव जी का 13वां आगमन समारोह धार्मिक आस्था और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस भव्य समागम में कठुआ सहित आस-पास के जिलों से आई बड़ी संख्या में संगत ने शिरकत की और सजाए गए दीवान के समक्ष मत्था टेककर गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को रखे गए अखंड पाठ साहिब के भोग से हुआ, जिसके बाद भव्य दीवान सजाया गया। दरबार साहिब, अमृतसर से आए हजूरी रागी भाई सुकीन सिंह और भाई कमलजीत सिंह के अलावा स्थानीय रागी भाई बलजीत सिंह ने अपने मधुर कंठ से शबद कीर्तन का गायन कर संगत को निहाल किया।
अमृतसर से आए कथावाचक सिंह साहब ज्ञानी मान सिंह ने संगत को बाबा नानक के उदात्त विचारों से परिचित कराया और उनसे दिखाए गए मार्ग का अनुसरण कर आदर्श स्थापित करने का आह्वान किया।
जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह ने गुरुद्वारा के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा श्री चरण कमल साहिब वह पावन स्थल है जहां गुरु नानक देव जी ने 20 अक्टूबर 1518 को अपनी तीसरी उदासी के दौरान कदम रखे थे। उनके आगमन से पवित्र हुई इस भूमि पर बना यह गुरुद्वारा आज सभी धर्मों के लोगों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।
कार्यक्रम में विधायक जसरोटा राजीव जसरोटिया, पूर्व बीडीसी अध्यक्ष बृजेश्वर सिंह इंदू और जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान चरण सिंह वजीर विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला ने इन गणमान्यों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
विधायक राजीव जसरोटिया ने समागम के भव्य आयोजन के लिए जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और संगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है कि ऐसा ऐतिहासिक स्थल उनके विधानसभा क्षेत्र में है, जिसके विकास के लिए वह व्यक्तिगत प्रयास करेंगे।
सिख परंपरा के अनुसार कार्यक्रम का समापन गुरु के अटूट लंगर के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार परवीन सिंह, उपप्रधान कुलदीप सिंह और कश्मीर सिंह सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे।