छह न्यायाधीशों के कोर्ट रूम, 36 वकीलों के चैंबर और न्यायाधीशों के लिए आवासीय परिसर भी हैं शामिल
मालखाना, अभियोजन कार्यालय आदि भी होंगे एक ही परिसर में
गोल्डी शर्मा
कठुआ। नए वित्तीय सत्र की शुरुआत से ही जिला न्यायालय की कार्यप्रणाली को नई इमारत से संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 30 करोड़ की लागत से बनने वाली इमारत पर निर्माण कार्य चल रहा है।
निर्माणकार्य का जिम्मा जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड को दिया गया है। इसके लिए समय सीमा 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई है। वही, अप्रैल से नई इमारत से कोर्ट की कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि 30 करोड़ की लागत से दो मंजिला इमारत में छह न्यायाधीशों के लिए कोर्ट रूम बनाएं जा रहे है। जिसमें मालखाना के अलावा अभियोजन कार्यालय का भी सुविधा होगी। इसके अलावा एक अलग दो मंजिला इमारत में वकीलों के चैंबर के निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसमें 36 वकीलों के चैंबर बनाए जा रहे हैं।
वहीं, कोर्ट परिसर के भीतर न्यायाधीशों के रहने के लिए आवासीय परिसर भी हैं। इसमें पांच न्यायाधीशों को आवासीय सुविधा प्रधान की जाएगी। न्यायाधीशों के आवासीय परिसर में दो इमारतें बनाई जा रही है। यह एक मंजिला इमारत है, जिसमें दो न्यायाधीशों के रहने के लिए सुविधा होगी। एक अन्य दो मंजिला इमारत में तीन न्यायाधीशों के रहने की सुविधा मिलेगी। ़
जिला न्यायालय के निर्माणकार्य के लिए अनुमानित लागत 30 करोड़ 46 लाख 96 हजार तय की गई थी। इसको पहले लोक निर्माण विभाग और फिर जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड को टेंडर के माध्यम से 29 करोड़ 73 लाख 52 हजार की लागत से निर्माणकार्य की जिम्मेदारी दी गई थी। निर्माण कार्य अप्रैल 2018 में शुरू किया गया था। इसमें ढांचागत विकास पूरा कर लिया गया है। केवल फर्निशिंग कार्य ही शेष है। इसको अगले पांच महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। (संवाद)
मुख्य न्यायाधीश ने 29 अक्तूबर को निर्धारित समय में निर्माण कार्य खत्म करने का दिया था आदेश
बीते 29 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ताशी राबस्तान और प्रशासनिक न्यायाधीश राजेश ओसवाल ने जिला न्यायालय परिसर का दौरा किया था। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड (निर्माण करवाने वाली कंपनी) को बिना किसी देरी के निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य खत्म करने का आदेश दिया था। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों से कहा था कि अनुमानित लागत में वृद्धि की संभावना को कम करने के लिए देरी से बचना चाहिए।
कोर्ट की नई इमारत का काम पूरे जोर से चल रहा है। ज्यादातर ढांचागत निर्माणकार्य पूरा कर लिया गया है। शेष काम को अगले पांच महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश ने हाल ही अपने दौरे के दौरान आदेश दिया है कि इस मार्च 2025 से पहले पूरा करना है। उम्मीद है कि शेष काम को पूरा करने के बाद तैयार इमारत को मार्च 2025 के अंत में कोर्ट प्रशासन को सौंप दी जाएगी।
-परवेज अहमद मलिक, उप महाप्रबंधक जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड कठुआ-उधमपुर