कठुआ। जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) एप के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। विभाग द्वारा मनरेगा सॉफ्ट पोर्टल से डाउनलोड की तस्वीरों के विश्लेषण से कई जिलों व पंचायतों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों (जीआरएस) का नवंबर माह का मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित पंचायत सचिवों के वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए हैं और उनके खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को भी चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं।
जिन पंचायतों में सबसे अधिक गड़बड़ियां पाई गईं उनमें बडगाम जिले की परनेवा (वेजर पंचायत), कुपवाड़ा की देडीकोट पंचायत, डोडा की सुंगली पंचायत (भद्रवाह ब्लॉक), राजोरी जिले की थानामंग-ए पंचायत दरहाल ब्लॉक, बारामुला की चंदीलवानिगाम पंचायत, कुपवाड़ा की बाटापोरा-ए पंचायत (हयहामा ब्लॉक), पुंछ की सगरा पंचायत (मनकोट ब्लॉक), शोपियां की केलर पंचायत, गांदरबल की वांगथ-सी पंचायत (कंगन ब्लॉक) और पुलवामा जिला की कोनिबल पंचायत (पंपोर ब्लॉक) शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया है कि बड़गाम के परनेवा की वेजर पंचायत में सबसे ज्यादा 453 जबकि कुपवाड़ा की डेडीकोट पंचायत में 405 तस्वीरें एनएमएमएस एप से मौके पर नहीं ली गई। चिह्नित की गईं 10 पंचायतों में से पुलवामा की कोनिबल पंपोर में 172 फोटो रियल टाइम पर अपडेट नहीं किए गए थे। आदेश के अनुसार पंचायत सचिवों ने ही पहले हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते एनएनएमएस के जरिए गलत अटेंडेंस दर्ज करके एफटीओ को आगे बढ़ाया है। जम्मू और कश्मीर निदेशालयों को एक महीने के अंदर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक जम्मू व कश्मीर से संबंधित बीडीओ और अन्य लोगों को चेतावनी पत्र जारी करने के लिए कहा गया है जहां अटेंडेंस कैप्चर करने और प्रोसेस करने में उल्लंघन पाया गया है।