प्राकृतिक आपदा से पहाड़ी इलाकों की ज्यादातर फसलें बर्बाद हो गई हैं।
लोहाई मल्हार ब्लॉक के पूर्व चेयरमैन कमल कुमार, विशंभर दास, दुनीचंद और अनायत प्रवेज़ ने बताया कि इलाके की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी पशुपालन और कृषि पर निर्भर है। लेकिन प्राकृतिक आपदा से 80 प्रतिशत से अधिक मक्की की फसल और राजमा की फसल तबाह हो गई है। इसके कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के कई किसानों की जमीन भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। कई किसानों ने बैंक से ऋण लेकर फसलें लगाई थीं, जो पूरी तरह से खराब हो गई है और बैंकों का ऋण चुकाना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को सहायता राशि दी जाए। किसानों ने जम्मू-कश्मीर बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से जो ऋण लिए हैं, उन्हें माफ किया जाए।