कठुआ। हमारे पास बेहतरीन हथियार हैं। ये जर्मनी और इजराइल से लाए जा रहे हैं। हमारे हथियार संग्रह में कोई कमी नहीं है। ये बात शुक्वार को कठुआ पहुंचे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आरआर स्वैन ने कही। वह आतंकियों की ओर से एम 4 कार्बाइन का इस्तेमाल करने और एसपीओ को दिए जाने वाले हथियार के संबंध में वह अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
जिला पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में डीजीपी ने हीरानगर के सैडा सोहल गांव में 11 और 12 जून को आतंकियों के साथ लोहा लेने वाले पुलिस के नौ एसपीओ को बहादुरी का इनाम दिया। उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस में बतौर कांस्टेबल शामिल कर लिया गया। कांस्टेबल पद के भर्ती पत्र सौंपे और फीतियां लगाईं। डीजीपी ने कहा कि डोडा और कठुआ की पहाड़ियों, रामबन, पुंछ, किश्तवाड़ और यहां तक कि कश्मीर में भी खबर देने में और गली कूचे में घुसकर काम करने में जम्मू-कश्मीर पुलिस फ्रंट फुट पर रही है। इसका अहसास भारत सरकार को लंबे समय से है। हमारी पुलिस तलवार की तरह है, जिसकी धार को देखभाल की जरूरत है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश में जंग जीतनी है तो जम्मू-कश्मीर पुलिस के बिना नहीं जीती जा सकती। श्री अमरनाथ यात्रा प्रबंधों को लेकर उन्होंने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं। हाईवे से लेकर यात्रा मार्ग, रूट, लंगर और लॉजमेंट सेंटरों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। इंटेलिजेंस को भी काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। ज्ञात रहे कि कठुआ और डोडा में हाल में ही हुए आतंकियों के सफाए में उनसे बरामद हथियारों में एम 4 कार्बाइन भी बरामद हुई हैं, जो दूरबीन से लैस थीं। उनसे भारी मात्रा में असलहा बरामद किया गया था। संवाद
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अब एसपीओ को मिलेगी प्राथमिकता
डीजीपी ने कहा कि आतंकियों से लोहा लेने और बहादुरी दिखाने वाले एसपीओ के लिए पूर्व की प्रक्रिया को बदला गया है। पहले पुलिस अधिकारियों, कांस्टेबल और एसपीओ को सम्मानित करने या पुलिस में नियमित रूप से शामिल करने के संबंध में एक ही प्रपोजल बनाया जाता था, जबकि इस बार एसपीओ का मनोबल बढ़ाने के लिए शुरुआत भी एसपीओ स्तर से की है। प्रयास है कि इन्हें प्राथमिकता पर रखा जाए। आतंकियों का सफाया करने वाले शेष कांस्टेबल और अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए भी अलग से प्रपोजल बनाया जा रहा है। समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, समन्वय एमके सिन्हा के अलावा एसएसपी कठुआ अनायत अली और डीसी डॉ. राकेश मिन्हास मौजूद रहे।
कठुआ के लोगों में कूट-कूट कर भरा है देश प्रेम का जज्बा : डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने कठुआ में बतौर एसपी दो साल गुजारे हैं। उन्होंने देखा कि यहां के लोगों में देश प्रेम और सुरक्षा का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। लोग बताते थे कि 1965 और 1971 की जंग में किस तरह से कठुआ के लोग पाकिस्तान के खिलाफ एक दीवार बनकर खड़े थे। फौज यहां से मूव करती थी तो लोग किस तरह से सहयोग करते थे। उन्हाेंने कहा कि कठुआ की अवाम से जम्मू-कश्मीर पुलिस पैदा होती है। देश-विरोधी ताकतों को कुचल कर रख देंगे। विलेज डिफेंस ग्रुप को भी मजबूत करेंगे।
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