संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। तहसील रामकोट की पंचायत उच्चापिंड स्थित राजकीय हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर ग्रामीणों ने इसे हायर सेकेंडरी स्कूल बनाने की मांग की है। लोगों ने बताया कि वर्ष 1966 में सरकार ने इसे हाई स्कूल के रूप में विकसित किया था लेकिन 59 वर्ष बाद भी इसे हायर सेकेंडरी का दर्जा नहीं मिल पाया।
नतीजतन उच्चा पिंड और उसके आसपास के अड़ला त्रापड़ा, शुआरा, बेरल, केस्पा, पंजिया आदि इलाकों के सैकड़ों विद्यार्थियों को 11वीं और 12वीं की कक्षा की पढ़ाई के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल गुड़ा कल्याल, हायर सेकेंडरी स्कूल नगरोटा गुजरू, हायर सेकेंडरी स्कूल गढ़ या फिर हायर सेकेंडरी स्कूल दरूंग जाना पड़ता है, जो गांव से कई किलोमीटर दूरी पर है। विद्यार्थियों को वाहनों के जरिए या कई घंटे पैदल चलकर वहां पहुंचना पड़ता है, जिससे उनका समय बर्बाद होता है। साथ ही आवागमन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उच्चापिंड पंचायत से पूर्व पंच सुरेश गुप्ता ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग से कई बार स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई। स्थानीय निवासी विकेश शर्मा, संजीव कुमार, गिरधारी लाल, संदीप शर्मा, जीवन लाल आदि ने सरकार से मांग की है कि जल्द हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर इसे हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया जाए।
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मौजूदा समय में राजकीय हाई स्कूल उच्चा पिंड के फीडिंग स्कूल नहीं होने के चलते स्कूल का दर्जा बढ़ाने की कवायद अभी लंबित पड़ी है। फिलहाल स्कूल की इमारत पर कार्य किया जा रहा है।
-चमन लाल, अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी बिलावर