संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हटली में खनन और डंपरों की आवाजाही से परेशान खनियारा और दिलवां पंचायत के लोगों ने डीसी से मिलकर इन्हें बंद करवाने की मांग की है। लोगों ने कहा कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संपदा की लूट हो रही है, ये बंद हो। खनन सामग्री लेकर गांव के बीच निकलने वाले डंपरों को मंझली से मग्गर खड्ड निकाला जाए।
डीसी से मिलने पहुंचे ग्रामीणों में शामिल दिलवां के चैन सिंह ने कहा कि विकास के नाम पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने वाली कंपनी को उनके इलाके में खनन करने की अनुमति दी गई है। नियमों का अवहेलना करते हुए पूरे इलाके को तबाह किया जा रहा है। भारी खनन के कारण इलाके में तीन-तीन फीट ऊंचे पहाड़ों का नामोनिशान मिटाकर वहां मैदान बना दिया गया है। इलाके में हरियाली भी खत्म हो चुकी है। ऐसा लगता है कि इलाके में खनन के लिए कोई मापदंड ही निर्धारित नहीं किए गए।
वहीं, खनियारा के वेद प्रकाश ने खनन सामग्री की ढुलाई में लगे डंपरों से पेश आने वाली समस्या के बारे में बताया कि सैकड़ों की संख्या में गांव के कच्चे रास्ते से निकलने वाले इन डंपरों के कारण उड़ने वाली धूल ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। वहीं, इनसे कभी भी कोई दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले डंपरों को गांव के बजाय मंझली से मग्गर चलाए जाने की मांग की।
ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता हरिपाल सिंह जसराेटिया ने कहा कि अवैध खनन से होने वाली समस्या के बारे में पहले भी प्रशासन को अवगत करवाया गया है। अब एक बार फिर से इसे तत्काल प्रभाव से रोके जाने की मांग की है। अगर आने वाले एक-दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो लोग इसके खिलाफ सड़क पर उतरेंगे।