कठुआ। पहाड़ी उपमंडल बनी में जिला उपायुक्त राजेश शर्मा द्वारा जन शिकायत शिविर लगाकर स्थानीय लोगों को आ रही समस्याओं को प्रमुखता से साथ सुना गया। इस दौरान शर्मा ने शीतकालीन तैयारियों का जायजा लिया और उपमंडल प्रशासन को बर्फबारी से पहले आवश्यक वस्तुओं के पर्याप्त भंडारण करने की हिदायत दी।
बुधवार को आयोजित जन सुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों और जन प्रतिनिधियों ने उपमंडल से जुड़े विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसमें स्कूलों और अस्पतालों में शिक्षकों और चिकित्सकों की कमी, हाल ही में भूस्खलन और बाढ़ से स्कूलों की इमारतों और घरों के पहुंचे नुकसान, सड़कों की बहाली, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लोगों को अभी तक मुआवजा न मिलना आदि को डीसी के संज्ञान में लाया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता लेखराज सुंदरम ने केंद्रीय विद्यालय बनी को जल्द से जल्द कार्यात्मक बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय रामकोट को भी एक साथ केंद्र से कार्यात्मक बनाने स्वीकृति मिलती है। कहा कि केवी रामकोट कार्यात्मक हो चुका है, लेकिन केवी बनी के लिए जिला प्रशासन की तरफ से देरी क्यों हो रही है। इसके अलावा सुंदरम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बनी के आवासीय सुविधा के मुद्दे को भी उठाया। इसके अलावा गत्ती के पूर्व सरपंच सुशील कुमार द्वारा इलाके में पेयजल समस्या को उजागर किया गया। उन्होंने बताया कि पूरा उपमंडल गंभीर पेयजल समस्या से झुंज रहा है, लेकिन जल जीवन मिशन के तहत करोड़ की राशि खर्च होने के बावजूद भी लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने सरथली में करोड़ों की राशि से तैयार हुई सब्जी मंडी को जल्द शुरू करने की मांग की। कहा कि पहाड़ी उपमंडल होने के कारण स्थानीय लोगों को जीविका चलाने के लिए एकमात्र साथ मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का पिछले तीन सालों से लोगों को भुगतान नहीं किया गया।