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Kathua News: कठुआ की बेटियों ने लहराया परचम, सात ने मेरिट सूची में बनाई जगह

Thu, 01 May 2025 01:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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जेके बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम आने के बाद अपनी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए विद्यार्थी। - फोटो : kathua
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आठवीं पोजीशन पर 97.4 प्रतिशत अंकों के साथ जिले की तीन छात्राओं का कब्जा
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साइंस स्ट्रीम में प्राशी और तवस्सुम ने हासिल किया सातवां स्थान
कठुआ। जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड की ओर से बुधवार को घोषित बारहवीं कक्षा के वार्षिक परिणामों में कठुआ की बेटियों ने अपना परचम लहराया है। जिले के सात विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है।
साइंस स्ट्रीम में रामेष्ट ट्विंकलिंग स्टार स्कूल बसोहली की छात्रा प्राशी बलोरिया और भारतीय पब्लिक स्कूल बिलावर की तवस्सुम ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर सातवां स्थान अर्जित किया है।
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वहीं, आठवीं पोजीशन पर 97.4 प्रतिशत अंकों के साथ जिले की तीन छात्राओं ने कब्जा जमाया है। इनमें आरएस जागृति निकेतन स्कूल कठुआ की इशिका पठानिया, नव आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल कठुआ की रचना लखनपुरिया और रामेष्ट ट्विंकलिंग स्टार स्कूल बसोहली की रिधम ठाकुर शामिल हैं।
उधर, साइंस स्ट्रीम में इंफेंट जीसस हायर सेकेंडरी स्कूल हीरानगर की पूनम जंगराल ने नौंवी पोजीशन हासिल की है। आर्ट्स स्ट्रीम में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल बुद्धि की रिशिका ने चौथा स्थान हासिल किया है।
सुबह से ही बढ़ गई थी उत्सुकता, दोपहर तक घोषित हुआ परिणाम : बुधवार को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित होने की अटकलों के बीच विद्यार्थियों के दिलों की धड़कनें भी बढ़ी रहीं। दोपहर दो बजे परिणाम घोषित हुआ। परिणाम आते ही कोई फोन पर तो कोई स्कूल से परीक्षा के परिणाम जानते और साझा करते रहे। संवाद



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सुबह से ही बढ़ गई थी उत्सुकता, दोपहर तक घोषित हुआ परिणाम



बुधवार को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित होने की अटकलों के बीच विद्यार्थियों के दिलों की धड़कनें भी बढ़ी रहीं। दोपहर दो बजे परिणाम घोषित हुआ। परिणाम आते ही कोई फोन पर तो कोई स्कूल से परीक्षा के परिणाम जानते और साझा करते रहे। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने जश्न मनाए और मिठाइयां बांटी। 10वीं के बाद अब 10वीं का परिणाम कभी भी घोषित हो सकता है।



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मेहनत कभी बेनतीजा नहीं जाती : प्राशी बलोरिया


रैहण गांव की प्राशी ने बताया कि मेहनत कभी बेनतीजा नहीं जाती है। स्कूल में ऐसा माहौल मिला कि ट्यूशन या कोचिंग की जरूरत ही महसूस नहीं हुई। परिवार ने पूरा सहयोग दिया और आज अपनी सफलता की कहानी बयां करने का मौका मिल रहा है। प्राशी ने बताया कि वह बैंकिंग सेक्टर में जाना चाहती है। पिता निजी व्यवसायी हैं और मां हाउस वाइफ। फिल्हाल प्रतिर्स्पधात्मक परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। सफलता को पाने के लिए मेहनत बहुत करनी पड़ती है। दिन में कम लगा तो रात में भी पढ़ाई की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। प्राशी ने साइंस स्ट्रीम में सातवीं पोजिशन हासिल की है।



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डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हूं : तवस्सुम मलिक



बिलावर पब्लिक स्कूल की छात्रा तबस्सुम मलिक ने 488 अंक लेकर बिलावर का नाम रोशन किया है। उसके पिता गुलजार अहमद पुलिस में हवलदार हैं और मां सुरैया बेगम गृहिणी हैं। छात्रा ने सफलता का श्रेय परिजनों और अध्यापकों को दिया है। तवस्सुम ने बताया कि उसका लक्ष्य डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। मूल रूप से परिवार लोहाई मल्हार का रहने वाला है, जहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है।



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उम्मीद से ज्यादा मिला, डॉक्टर बन लोगों की सेवा करना चाहती हूं : इशिका पठानिया



आठवीं पोजीशन हासिल करने वाले इशिका डॉक्टर बनने की तैयारी में जुट गई हैं। उनका लक्ष्य गरीब तबके की सेवा करना है। वह चाहती हैं कि समाज में योगदान डॉक्टर बनकर दे सकें। इशिका ने बताया कि पूरी मेहनत की थी और उम्मीद से ज्यादा मिला है। उन्होंने इसके लिए स्कूल और अभिभावकों का आभार जताया। सफलता को हासिल करने के लिए पहले दिन से ही नियमित पढ़ाई की। एक विषय को पकड़ा तो समझकर और पढ़कर ही दूसरा शुरू किया।



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रचना ने भरी सपनों की उड़ान, बनना चाहती हैं साफ्टवेयर इंजीनियर



निजी फैक्ट्री में कर्मचारी के रूप काम करने वाले पिता की मेहनत और गृहिणी माता के जज्बे को उनकी बेटी रचना ने सपनों की उड़ान देने का निर्णय किया है। नव आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल कठुआ की रचना लखनपुरिया ने अपना लक्ष्य तय किया तो मुसीबतें भी बौनी नजर आईं। 12वीं के परिणामों में रचना ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। रचना को प्रदेश की मेरिट सूची में आठवां स्थान मिला है। रचना के अनुसार उनका सपना साफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। रचना ने बताया कि दसवीं में उन्होंने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उन्होंने इसका श्रेय स्कूल प्रबंधन की मेहनत और माता-पिता के सहयोग को दिया है। रचना ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई नियमित रूप से की। और हर विषय में समझ के बाद आगे बढीं। किसी दिन सिलेबस पिछड़ जाता तो अगले दिन दोगुना मेहनत कर उस पर काम किया। उनकी सफलता का कारण भी रहा है।
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सरकारी स्कूलों का रखा मान, हायर सेकेंडरी स्कूल बुद्धि की रिशिका ने हासिल किया चौथा स्थान



आर्ट्स स्ट्रीम की मेरिट लिस्ट में जिले का कोई भी निजी स्कूल जहां स्थान नहीं बना पाया। वहीं, सरकारी स्कूलों का मान रखते हुए एकमात्र पोजीशन के साथ सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल बुद्धि की छात्रा रिशिका शर्मा ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने 493 अंक हासिल किए हैं। 98.6 प्रतिशत के साथ 12वीं उत्तीर्ण करने वाली रिशिका को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। फोन पर बधाई देने वालों के अलावा आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने घर आकर मुंह मीठा करवाया। रिशिका ने बताया कि उनकी मां गृहिणी और पिता दवा विक्रेता हैं। निजी या सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। सफलता मेहनत पर पूरी तरह से निर्भर करती है। उसने बताया कि वह पॉलिटिकल साइंस आनर्स करने की तैयारी कर रही हैं। भविष्य में रिशिका का सपना सिविल सेवाओं में जाने का है।
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