बिलावर। फिंतर गांव में बुधवार को वार्षिक दंगल आयोजित किया गया। इसमें दीनानगर पंजाब के शमशेर पहलवान ने वहीं के जिला मलेरकोटला निवासी तालिब पहलवान को मुल्तानी दांव लगाकर पटखनी दी और दंगल पर कब्जा जमा लिया।
दंगल कमेटी के सदस्यों ने शाम पांच बजे संयुक्त रूप से दंगल का शुभारंभ किया। इसमें स्थानीय पहलवानों के साथ ही पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आए कई पहलवानों ने भी हिस्सा लिया। दंगल में अलग-अलग भार वर्ग की 75 कुश्तियां करवाई गईं।
छोटी माली का मुकाबला दीनानगर पंजाब के बाबा फरीद पहलवान और जिला डोडा जम्मू कश्मीर के नदीम पहलवान के बीच हुआ। करीब 20 मिनट तक चली कुश्ती में दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को हराने के लिए पूरा प्रयास किया लेकिन बाबा फरीद ने अपने प्रतिद्वंद्वी को बार्शीगौता दांव लगाकर चित कर दिया। इसलिए उन्होंने छोटी माली जीत ली।
बड़ी माली का रोमांचक मुकाबला शमशेर और तारीख के बीच हुआ। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को हराने के लिए जोर आजमाइश की और एक से बढ़कर एक दांव पेच लड़ाकर जीतने का प्रयास किया। करीब 25 मिनट तक चली कुश्ती में शमशेर पहलवान ने अपने प्रतिद्वंद्वी तालिब पहलवान को हराकर बड़ी माली जीती।
छोटी माली के विजेता और उपविजेता रहे पहलवानों को दंगल कमेटी की ओर से 30,000 की नकद राशि इनाम के तौर पर दी गई जबकि बड़ी माली के विजेता और वह विजेता रहे पहलवानों को 50,000 का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
दंगल में सेरी मुनि, पलेल, पल्लन, परनाला, धरालता, बिलावर, महानपुर, किशनपुर, भड्डू, डडवाडा, धर्मकोट, डिंगी सिमवली, मांडली आदि इलाकों से पहुंचे दंगल प्रेमियों ने दंगल की शोभा बढ़ाई और दंगल में मल युद्ध करने वाले पहलवान की हौसला अफजाई की। दंगल स्थल के पास मेले का आयोजन भी किया गया, जिसमें लगाए गए विभिन्न विभिन्न प्रकार के स्टालों पर लोगों ने खूब खरीदारी की। इसके लिए छोटे बच्चों और युवाओं में सबसे अधिक उत्साह देखने के लिए मिला।