शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर शहीद भगत सिंह पार्क में शहीद भगत सिंह यादगार समिति द्वारा श्रृद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें समिति के सदस्यों के अलावा पूर्व सैनिकों और युवाओं ने शहीदों को याद करते हुए एकता, सद्भावना का संदेश दिया।
मास्टर शिवनंदन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्क में स्थापित प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर संबोधित करते हुए मास्टर शिवनंदन ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने बराबरी वाले समाज का सपना संजोया था। भगत सिंह यथार्थवादी थे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में सांप्रद्रायिक ताकतें देश का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाकर गुमराह कर रही हैं। विवाद पैदा किए जा रहे हैं, ताकि उनका राजकाज बना रहे। वहीं, भाजपा नेता रविंदर पठानिया ने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव ने देश को आजाद करवाने के लिए कुर्बानी दी। उनके बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा।
सर्व धर्म सेवा समिति के नवजोत सिंह सिद्धू, कार्तिक शर्मा सहित अन्य युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के स्मारक पर फूलमाला चढ़कर उन्हें याद किया। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि भगतसिंह और उनके सभी साथियों के अंदर छोटी उम्र में ही एक जज्बा था। उन्होंने कसम खाई थी कि गुलाम व्यक्ति का कोई देश नहीं होता, गुलाम व्यक्ति का कोई धर्म नहीं होता।
उन्होंने अपनी कुर्बानियों से भारतवर्ष को आजाद करवाया। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर छुट्टी की घोषणा करे, ताकि देश का हर युवा उन्हें अपना आदर्श मानकर देश की एकता अखंडता भाईचारा और देश की तरक्की में योगदान दें। कार्तिक शर्मा ने कहा कि 23 मार्च को ही क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को फांसी दी गई थी।