खाद्य आपूर्ति एवं जनवितरण विभाग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने में जुट गया है। शुक्रवार को खाद्य आपूर्ति एवं जनवितरण विभाग के निदेशक जीएस चिब ने कठुआ का दौरा किया।
उनका यह दौरा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने की तैयारियों को लेकर था। जिला उपायुक्त रमेश कुमार और अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त मनमोहन सिंह के साथ विभागीय निदेशक ने बैठक कर मंत्रालय के आदेश पर नई उपभोक्ता सूचियों में संशोधन में सहयोग और इसकी समीक्षा किए जाने की बात कही।
बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए निदेशक जीएस चिब ने कहा कि विभाग दो भागों में बंटा है, खाद्य आपूर्ती और जनवितरण। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से बर्फबारी प्रभावित और दूरदराज के लोगों को एडवांस कोटा मुहैया करवाया जाता है, जिसके तहत इलाके में अतिरिक्त कोटा डंप कर दिया जाता है।
चिब ने कहा कि 16 फरवरी से खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने की तैयारी की जा रही है। पहले राशन 2001 की जनगणना के अनुसार दिया जाता था, जिसमें ग्रीन जोन के लोगों को यह सोचकर कम राशन दिया जा रहा था कि किसान वर्ग के होने के कारण उनका गुजारा चल जाएगा।
दो जिलों में यह समस्या थी, जिसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सु़रक्षा अधिनियम में गरीब, जरूरतमंद, बीपीएल और एएवाई तबके के लोगों को दो रुपये किलो के हिसाब से आटा और तीन रुपये प्रति किलो के हिसाब से चावल मुहैया करवाए जाने हैं।
ऐसे लोगों की पहचान कर सूची तैयार की जा रही है, जिसके लिए मंत्रालय की ओर से जिला उपायुक्तों को भी आदेश जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर तक केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएपीडी मंत्रालय की नई तैयारियों से राशन आवंटन में पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने कहा कि राशन डिपो में इसके लिए इलेक्ट्रानिक तोल मशीनें लगवाई गई हैं। जहां नहीं लगी हैं, वहां भी जल्द ही लगवा दी जाएंगी।