प्रीतम सिंह जठानी गांव के जंगलों में गुच्छी ढूंढने गया था कि तेंदुए ने हमला बोल दिया।
कसबे के साथ आसपास पड़ते गांवों में तेंदुओं की बढ़ती संख्या ने लोगों को डरा दिया। वहीं मवेशियों पर हुए हमलों के बाद लोग सहमे हुए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मवेशियों की मौत का मुआवजा देने और तेंदुओं को पकड़ने की मांग की है।
स्थानीय सरपंच सुरजीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बाबु राम, कासिम दीन आदि ने बताया कि पिछले एक वर्ष से नौशहरा, धमलाड़, रैपर, मानू आदि क्षेत्रों में तेंदुओं का आतंक बढ़ गया है। दिन दहाड़े और रात के समय घात लगाकर वह मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही नौशहरा में एक महिला की भेड़ को तेंदुए ने मार डाला। महिला ने कुछ दिन पूर्व ही भेड खरीदी थी। वहीं तेंदुए अन्य मवेशियों को भी निशाना बना रहे हैं।
ऐसे में लोगों को मवेशियों की चिंता होने लगी है और अब वह शाम होते ही मवेशियों को अंदर बंद कर देते हैं। लेकिन गर्मी का मौसम का चुका है और पूरे सीजन में पशुओं को बाहर नहीं बांधा जा सकता है। इसके साथ ही तेंदुए लोगों के घरों से ही मवेशियों को ले जाते हैं। ऐसे में लोगों को मवेशियों के साथ साथ अपनी जान का भी खतरा बना हुआ है।
लोगों ने कहा कि रात होते ही तेंदुए मानु-महानपुर, महानपुर- नौशहरा, महानपुर-धमलाड़ सड़क मार्गों पर तेंदुए आ जाते हैं और उन्हें लोगों ने देखा भी है। ऐसे में दोपहिया वाहनों पर सवार लोग सहम जाते हैं। लोगों ने कहा कि जिन लोगों के मवेशियों को तेंदुए ने अपना ग्रास बनाया है उन्हें मुआवजा दिया जाए और तेंदुओं को वन्य जीव विभाग किसी दूसरे स्थान पर छोड़े।