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अनशनकारी की हालत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचाया

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हीरानगर। रसाना में 8 वर्षीय बच्ची के अपहरण व हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर कूटा में अनशन पर बैठे एक पुरुष अनशनकारी की तबीयत बिगड़ गई। उसके स्थान पर दूसरे व्यक्ति ने मोर्चा संभाल लिया।
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34वें दिन जारी इस अनशन में कई लोग अनशनकारियों के समर्थन में यहां पहुंचे। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जांच सीबीआई को सौंपने की मांग दोहराई। मंगलवार को महिला अनशनकारी सरिता देवी की हालत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद यशपाल ने उनकी जगह ली। वीरवार को इसकी भी तबीयत बिगड़ गई, जिसे डॉक्टर जांच के बाद हीरानगर उप जिला अस्पताल भेज दिया। उसके यहां से हटते ही धर्मपाल उनकी जगह बैठ गए। इनके समर्थन में कुछ गांव के लोग जिसमें महिलाएं भी शामिल थी यहां पहुंचे। अनशनकारियों के साथ मिलकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहां कि जब तक जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती वह अपनी मांग पर अड़े रहेंगे। अगर सरकार की मंशा उन्हें डराने या दबाने की है तो हमारा संकल्प भी सच्चाई की लड़ाई जीतना है। भले ही मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती बच्चे की मौत पर वोट बैंक की राजनीति करना चाहती है, लेकिन हम बच्ची को इंसाफ दिला कर ही दम लेंगे। इनके समर्थन में हिंदू एकता मंच के नेता कांत कुमार, राज खजूरिया, योगेश सिंह, भागमल खजूरिया भी यहां मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जो लोग सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं, मंच उनके साथ खड़ा है खड़ा रहेगा।


पैंथर्स पार्टी ने नेताओं ने किया एक दिन का अनशन
हीरानगर। अनशनकारियों के समर्थन में पैंथर्स पार्टी के 11 नेताओं ने भी 24 घंटे के लिए अनशन शुरू किया। उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई को नहीं सौंपा जाता, पैंथर्स पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बलवंत मनकोटिया की अगुवाई में उनके सहित 11 नेता सुबह करीब 10 बजे अनशन पर बैठे। मनकोटिया ने कहा कि क्राइम ब्रांच की जांच में जिस प्रकार से खामियां निकल कर सामने आ रही हैं, उससे नाबालिग बच्ची को इंसाफ मिलना नामुमकिन है। बच्ची को इंसाफ मिल सके उसके लिए जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता है, पैंथर्स पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। राज्य सरकार को लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए। खासतौर पर उन नेताओं को सरकार ने अपनी आवाज पूरे जोर के साथ रखनी चाहिए, जिन्हें जम्मू के लोगों ने भारी बहुमत से अपना नुमाइंदा चुना है। उनके साथ अनशन पर बैठने वालों में रॉबिन शर्मा, डीके अत्री, सचिन शर्मा, रामसरन डोगरा, सतीश शर्मा, कुलदीप मास्टर, जगदीश कुमार, सोहन चौधरी, संजीव शर्मा, रामपाल भगत और मनोज गुप्ता शामिल थे।
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