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जिले के पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि का कहर

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कठुआ। इस बार गर्मी के सीजन में मौसम में जारी उतार-चढ़ाव किसानों और बागवानों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है।बुधवार को जिले के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी ओलावृष्टि से लगभग 70 प्रतिशत मक्की की फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। वहीं, फलदार पौधों को भी नुकसान हुआ है। बुधवार दोपहर को बनी सब डिवीजन के डुग्गन, बनी समेत बिलावर के डुगैन, लोहाई मल्हार, बग्गन और बसोहली के भूंड ब्लाक में लगभग आधे घंटे तक हुई तेज ओलावृष्टि ने मक्की की फसल को बर्बाद कर दिया। बड़े-बड़े ओलों के गिरने से फलदार पौधों की टहनियां भी टूट गई हैं। किसानों ने बताया कि पहाड़ी इलाके में जून महीने में ही तीसरी बार भारी ओलावृष्टि हुई है। उधर, बारिश का सिलसिला जारी रहने से तापमान में भी भारी गिरावट आई है। बारिश और ओलावृष्टि के चलते कई इलाकों में बिजली सेवा भी कुछ समय के लिए बंद रही, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। पहाड़ों पर बारिश और ओलावृष्टि के चलते मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट से लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है।
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वहीं, मंगलवार रात को आई तेज आंधी से उप जिला बिलावर के रामकोट और उसके आसपास के इलाकों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। गुजरो नगरोटा में कई पेड़ उखड़ कर 11 केवी बिजली की लाइन पर गिरे, जिससे ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हुई लाइन को ठीक कर दिया, जिससे रामकोट के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बहाल हो गई। विभाग रामकोट के एईई जावेद हुसैन ने बताया के बिजली के खंबे और तारों के टूटने से रामकोट के कुछ इलाकों में बिजली सप्लाई ठप हो गई थी, जिसे बहाल कर दिया गया है। करीब 15 घंटे बाद बिजली बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
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