कठुआ। शहर में लगातार तीसरे दिन चोरी की दो वारदातें होने पर पूरे शहर में भारी रोष देखा गया। हर व्यक्ति इसके लिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता नजर आया। लोग पूछते नजर आए कि आखिर एक के बाद एक चोरियां हो रही हैं और पुलिस क्या कर रही है? ताजा मामला शहर के बीचों बीच मुख्य बाजार स्थित माता आशापूर्णी के प्राचीन मंदिर का है, जहां एक बार फिर चोरी हुई। इसके साथ ही शिवा नगर के शिव मंदिर में भी चोरों ने दुर्गा माता की नथ चोरी कर ली। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है।
शिवा नगर के स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार को सूर्यास्त के बाद मंदिर को बंद कर दिया गया था। सुबह जब मंदिर खोला गया तो साफ-सफाई के दौरान माता की नथ गायब हो गई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर आई टीम ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया है। माता आशापूर्णी मंदिर के पुजारी गायत्री शर्मा ने बताया कि शनिवार को संध्या आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया गया, लेकिन सुबह जब मंदिर खोला गया तो मंदिर से काफी सामान गायब था। उन्होंने बताया कि चोर माता मंदिर से एक एलईडी, करीब तीन हजार के सिक्के और माता को चढ़ाए गए पैसों के हार ले गए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना पुलिस को दी गई और टीम ने मौके पर आकर जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है।
पहले भी हो चुकी है चोरी, मुख्य बाजार भी सुरक्षित नहीं
गायत्री शर्मा ने बताया कि मंदिर में चोरी का यह दूसरा मामला है। इससे पहले भी चोरी हुई थी और चोर माता के आभूषण ले गए थे। उसके बाद से जब कभी भी कोई माता को आभूषण चढ़ाता है तो उसे शाम को उतारकर सुरक्षित रख दिया दिया जाता है, लेकिन बाकी सामान मंदिर में ही रहता है। उन्होंने कहा कि माता का मंदिर मुख्य बाजार के बीचों बीच है और शाम के बाद भी चहल-पहल रहती है। इसके बावजूद दूसरी बार चोरी होना समझ से परे है।
कई बार सुरक्षा की मांग उठाई गई
गायत्री शर्मा ने कहा कि मंदिर के साथ वे बाजार में भी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, पर कुछ नहीं किया गया। मंदिर से सिटी थाना केवल आधा किलोमीटर की दूरी पर है, ऐसे में वहां दो जवान तैनात किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार आने के लिए कई रास्ते हैं। ऐसे में हर रास्ते पर जवान तैनात करना संभव नहीं, लेकिन कम से कम इस प्राचीन मंदिर की सुरक्षा के लिए तो जवान लगाए जाने चाहिए।