हीरानगर। हीरानगर सब डिवीजन में नशे का धंधा तेजी से फैल रहा है। नशीले पदार्थों की सप्लाई गांव-गांव तक पहुंच रही है। यह धंधा करने वाले अंजाम की परवाह किए बगैर धड़ल्ले से नशा बेच रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार यह धंधा करने वाले अपने ठिकाने बना चुके हैं। ठिकानों में एजेंट पहुंचते हैं जो बाद में नए ग्राहक बनाने का काम करते हैं। धंधे में शामिल हो चुके नौजवान अपनी जरूरत पूरी करने के लिए छोटे बच्चों को निशाना बनाने में भी कोई परहेज नहीं कर रहे।
सूत्रों की मानें तो ज्यादातर नशा बेचने वाले मौत के सौदागरों के वाहन पंजाब नंबर से होते हैं। बड़ी-बड़ी कारों में आते हैं और चंद अपने एजेंटों से लेन-देन कर वापस चले जाते हैं। उसके बाद यह एजेंट गांव-गांव जाकर अपने ग्राहक बनाते हैं। जिस नौजवान को नशे की लत लग जाती है उसे यह अपना एजेंट बना लेते हैं । उसके बाद यह नया एजेंट अपनी जरूरत पूरी करने के लिए नए ग्राहक बनाने का काम करता है।
कॉलेज और स्कूलों के बच्चे निशाने पर
क्षेत्र में बढ़ रहे नशे के कारोबार की गिरफ्त तेजी से नवयुवकों की ओर बढ़ गई है। स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थी अब सीधे तौर पर नशे के सौदागरों के निशाने पर हैं। सूत्रों की मानें तो ऐसे ग्राहकों को साथ जोड़कर नशे के नेटवर्क को तेजी से फैलाने और नए ग्राहक जोड़ने में समय नहीं लगता। स्कूल के एक एक्टिव गैंग तक पहुंच बनाकर नशे के सौदागर युवाओं की जिंदगी खोखली करने पर तुले हैं। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे में बच्चों की गतिविधियों पर मां बाप को भी नजर रखने की जरूरत है। यदि बच्चे का व्यवहार बदला हुआ है या घर से कीमती चीजें गायब होने लगी हैं तो ध्यान देने की जरूरत है कि कहीं नशेे की जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसा तो नहीं किया जा रहा है। नशे की लत लगे बच्चों को वापस लाना काफी मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं है बशर्ते की सही समय पर पहचान की जा सके।
नशे का चम्मच कनेक्शन
क्षेत्र के तमाम बर्तन स्टोर्स पर चम्मच की बिक्री बढ़ी है। हालांकि इन दुकानदारों का कहना है कि उन्हें यह मालूम नहीं कि चम्मच की बिक्री क्यों बढ़ी है लेकिन बिक्री बढ़ने की तस्दीक जरूर करते हैं। सूत्रों के अनुसार नशाखोर चिट्टे (हेरोइन ) का इंजेक्शन लेने के लिए ज्यादातर चम्मच का इस्तेमाल करते हैं। चम्मच में चिट्टा डालकर उसके नीचे लाइटर की आग दी जाती है। जब वो घुलकर पानी की तरह हो जाता है तो उसे इंजेक्शन में भरकर अपनी नसों में चढ़ाते हैं। बहुत सी सुनसान जगह पर बड़ी संख्या में खाली इंजेक्शन और चम्मच पड़े मिले भी हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कहीं न कहीं चम्मच की बिक्री में हुए इजाफे के पीछे नशाखोरों का हाथ भी है।
क्या कहना है पुलिस का
नशे का व्यापार करने वालों के धंधे की शिकायतें कई बार लोगों से मिली हैं। पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और नशे का धंधा करने वालों को पकड़ने के लिए रणनीति के तहत काम कर रही है। पिछले दिनों ब्राउन शुगर सहित पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार भी किया था। उससे पूछताछ चल रही है और जल्द ही नई ठिकानों पर छापेमारी का सिलसिला भी चलेगा।
- एसडीपीओ रविंद्र सिंह।
क्या कहता है प्रशासन
पुलिस को पहले से ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह ऐसे लोगों पर पूरी नजर रखें और सख्त कार्रवाई करें। सब डिवीजन के एसडीपीओ और सभी थानों के एसएचओ से पहले भी इस मसले पर बात की जा चुकी है। उम्मीद है कि पुलिस पूरी सतर्कता से काम करेगी और ऐसे लोगों को ढूंढ निकालेंगे। हमें आम लोगों से भी कई शिकायतें मिली है कि क्षेत्र में नशे का व्यापार हो रहा है। हम इससे इनकार नहीं कर सकते लेकिन प्रशासन और पुलिस यह गोरखधंधा करने वालों से सख्ती से निपटेगा।
-सुरेश शर्मा, एसडीएम, हीरानगर।