कठुआ। संदिग्ध अवस्था में अज्ञात जहरीला पदार्थ निगलने के बाद गंभीर अवस्था में जीएमसी कठुआ में भर्ती करवाए गए 20 वर्षीय युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उसके परिजनों ने मौत का जिम्मा उपचार करने वाले डॉक्टरों के सिर फोड़ते हुए वहां बवाल मचा दिया और बिना मृतक का पोस्टमार्टम करवाए जबरन उसके शव को अस्पताल से ले जाने का प्रयास करने लगे। इस दौरान कठुआ थाना प्रभारी अजय सिंह चिब और राजबाग थाना प्रभारी तारिक अहमद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को शांत करवाया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई।
जानकारी के अनुसार राजबाग थाना के गांव रख होशियारी निवासी 20 वर्षीय असलम पुत्र नूर आलम के किसी अज्ञात जहरीला पदार्थ के निगलने से बिगड़ी तबीयत के बाद परिजनों ने उसे जीएमसी कठुआ में भर्ती करवाया। करीब 11 बजे जीएमसी कठुआ पहुंचने के बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया लेकिन शाम करीब 4 बजे उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने यह कहते हुए अस्पताल में बवाल शुरू कर दिया कि उनके मरीज के उपचार में लापरवाही बरती गई है। लिहाजा अब वे उसकी मौत के बाद अस्पताल प्रशासन का किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करेंगे। वहीं जब जीएमसी कठुआ में तैनात पुलिस कर्मियों ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजन जबरन उसके शव को स्ट्रेचर पर लेकर जीएमसी परिसर से बाहर हाईवे पर आ गए।
मामले को बिगड़ता देख कठुआ थाना प्रभारी और राजबाग थाना प्रभारी भी वहां आ गए। इस दौरान परिजन मृतक का पोस्टमार्टम न करवाने पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को किसी तरह से शांत कराते हुए हाईवे से अस्पताल परिसर में पहुंचाया। इसके बाद राजबाग थाना प्रभारी तारिक अहमद ने यह कहते हुए परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए राजी किया कि अगर इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई है तो वह कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने में पुलिस का सहयोग करें। इसके बाद मृतक का पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया है।